जब वह जादुई सुनहरा पेड़ संदूक से बाहर आया तो सबकी सांसें रुक गईं। लेकिन असली ड्रामा तो तब शुरू हुआ जब राजा ने गुस्से में अपनी रानी को धक्का दिया। फ़िरौन की रानी बनी में यह सीन देखकर मेरा दिल दहल गया। पात्रों के बीच की तनावपूर्ण नजरें और महल का भव्य माहौल सब कुछ परफेक्ट था।
उस बेचारी रानी की आंखों में जो दर्द था, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जब वह जमीन पर गिरी और उसका कीमती हार टूट गया, तो लगा जैसे उसका दिल टूट गया हो। फ़िरौन की रानी बनी का यह इमोशनल सीन मुझे बहुत पसंद आया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ही बेहतरीन सीन देखने को मिलते हैं जो दिल को छू लेते हैं।
वह पुरोहित जो काले वस्त्रों में था, उसकी चालाकी और ठंडी मुस्कान देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वह संदूक लेकर आया और फिर सबके सामने जादू दिखाया। फ़िरौन की रानी बनी में यह किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी लगा। उसकी आंखों में कुछ छिपा था जो बाकी पात्रों को समझ नहीं आ रहा था।
रेगिस्तान के बीच बना यह सुनहरा महल और नीले तंबू देखकर आंखें फटी की फटी रह गईं। फ़िरौन की रानी बनी की सेट डिजाइनिंग कमाल की है। जब कैमरा ऊपर से नीचे आता है और पूरा नजारा दिखाता है, तो लगता है जैसे हम सच में प्राचीन मिस्र में हैं। विजुअल्स इतने शानदार हैं कि बार-बार देखने का मन करता है।
राजा का अहंकार और गुस्सा देखकर लगा कि वह अपनी ही दुनिया में खोया हुआ है। जब उसने अपनी पत्नी को धक्का दिया तो सब हैरान रह गए। फ़िरौन की रानी बनी में यह सीन दिखाता है कि सत्ता कैसे इंसान को अंधा बना देती है। उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया था और आंखों में नफरत साफ दिख रही थी।
दो रानियों के बीच की दुश्मनी और ईर्ष्या इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है। जब एक रानी दूसरी को नीचा दिखाती है तो लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। फ़िरौन की रानी बनी में यह रिश्ता बहुत जटिल है। दोनों के कपड़े और गहने अलग-अलग हैं जो उनकी व्यक्तिगत शैली को दर्शाते हैं।
वह संदूक जिसमें से सुनहरा पेड़ निकला, उसमें क्या जादू था? फ़िरौन की रानी बनी का यह सीन सबसे ज्यादा जादुई लगा। जब संदूक खुला और रोशनी फैली तो लगा जैसे कोई देवता प्रकट हो गया हो। इस जादू के पीछे की कहानी जानने के लिए मैं बेताब हूं। नेटशॉर्ट पर ऐसे ही रोमांचक सीन देखने को मिलते हैं।
जब राजा ने गुस्से में चीखना शुरू किया तो पूरा महल कांप उठा। उसकी आवाज में इतना गुस्सा था कि लग रहा था वह किसी को मार डालेगा। फ़िरौन की रानी बनी में यह सीन सबसे ज्यादा डरावना लगा। उसकी आंखें फटी हुई थीं और चेहरा विकृत हो गया था। ऐसा लगा जैसे वह पागल हो गया हो।
जब रानी जमीन पर गिरी और उसका कीमती हार टूट गया, तो लगा जैसे उसकी जिंदगी टूट गई हो। फ़िरौन की रानी बनी का यह सीन बहुत दर्दनाक था। उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे और वह बेबस होकर जमीन पर पड़ी थी। यह सीन दिखाता है कि कैसे एक पल में सब कुछ बदल सकता है।
जब वह जादुई पेड़ निकला तो सबके चेहरे पर हैरानी और डर साफ दिख रहा था। फ़िरौन की रानी बनी में यह सीन सबसे ज्यादा सस्पेंस से भरा था। हर किसी की आंखें फटी की फटी थीं और कोई कुछ बोल नहीं पा रहा था। यह माहौल इतना तनावपूर्ण था कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया था।
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