जब रानी ने उस सुनहरे पर्दे को छुआ, तो लगा जैसे समय थम गया हो। फ़िरौन की रानी बनी की यह दुनिया इतनी भव्य है कि सांस रुक जाए। रंगों का खेल और ज्वेलरी की चमक ने दिल जीत लिया। हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लगता है, बिल्कुल जादुई अहसास।
दो रानियों के बीच की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। फ़िरौन की रानी बनी में डायलॉग से ज्यादा आंखों की बातें असली कहानी कहती हैं। जब वो एक-दूसरे को देखती हैं, तो लगता है तलवारें चल रही हैं। एक्टिंग में इतनी गहराई कि रोंगटे खड़े हो जाएं।
फिरौन के आते ही माहौल बदल गया, उसकी चाल में इतना रौब था कि सब झुक गए। फ़िरौन की रानी बनी का यह सीन दिखाता है कि पावर क्या होती है। उसका ताज और पोशाक देखकर लगता है सूरज उतर आया हो। कैमरा एंगल ने उसकी हीरोइक एंट्री को और भी ग्रैंड बना दिया।
पानी में तैरती वो नीली लौ वाली मोमबत्तियां किसी जादू से कम नहीं थीं। फ़िरौन की रानी बनी के सेट डिजाइनर ने कमाल कर दिया। यह छोटा सा डिटेल्स पूरे माहौल को मिस्टिक बना देता है। ऐसा लगा जैसे प्राचीन मिस्र की आत्मा जाग उठी हो, बिल्कुल रूहानी अनुभव।
जब वो सुनहरी चिट्ठी खोली गई, तो हवा में तनाव साफ महसूस हुआ। फ़िरौन की रानी बनी में हर चीज के पीछे एक राज छिपा है। चेहरों के भाव बदलते देखकर लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। यह सस्पेंस मुझे अगले एपिसोड के लिए मजबूर कर रहा है।
लाल और सुनहरे लिबास में लिपटी वो रानी किसी देवी से कम नहीं लग रही थी। फ़िरौन की रानी बनी के कॉस्ट्यूम इतने रिच हैं कि हर कढ़ाई में कहानी है। जब वो चलती है तो कपड़ों की सरसराहट भी संगीत जैसी लगती है। फैशन और हिस्ट्री का बेहतरीन मेल।
आसमान में बाज़ का उड़ना और सूरज की रोशनी, यह सीन सिनेमेटोग्राफी का कमाल था। फ़िरौन की रानी बनी में नेचर और इंसान का कनेक्शन बहुत गहरा दिखाया गया है। उस पल लगा जैसे भगवान भी इस नाटक को देख रहे हों। विजुअल्स ने दिल जीत लिया।
पीछे खड़ी भीड़ के रिएक्शन ने सीन को और भी असली बना दिया। फ़िरौन की रानी बनी में एक्स्ट्रा भी अपनी जगह पर परफेक्ट हैं। जब सब ऊपर देखते हैं, तो हम भी देखने पर मजबूर हो जाते हैं। यह कलेक्टिव इमोशन शो की जान है।
बूढ़ी रानी की आंखों में जो चमक थी, उसमें सारी कहानी छिपी थी। फ़िरौन की रानी बनी में बड़ों का किरदार बहुत अहमियत रखता है। उनका हर इशारा भविष्य की ओर इशारा करता है। उनका अनुभव और समझदारी शो को गहराई देती है।
जब सब कुछ थम सा गया और बस सन्नाटा छा गया, तो दिल की धड़कनें तेज हो गईं। फ़िरौन की रानी बनी का यह क्लाइमेक्स बिल्कुल सही जगह पर आता है। हर किरदार की सांसें रुकी हुई हैं, और हम भी उसी पल को जी रहे हैं। यह टेंशन लाजवाब है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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