फ़िरौन की रानी बनी में महल के दृश्य इतने भव्य हैं कि मन करता है वहीं बस जाऊं। रानी का गुलाबी लिबास और सोने के जेवर देखकर लगता है जैसे इतिहास जी उठा हो। जब वो योद्धा के साथ तालाब किनारे बैठकर खाना खाती है, तो माहौल में जो नरमी है वो दिल को छू लेती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखना सुकून देता है।
इस शो में योद्धा और रानी के बीच की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचाती है। फ़िरौन की रानी बनी के इस सीन में जब वो एक-दूसरे को देखते हैं, तो बिना बात किए सब कह दिया जाता है। खाना बांटने वाला पल तो बिल्कुल जादुई था। ऐसे रोमांटिक मोड़ देखकर लगता है प्यार सच में अमर है।
रानी के पीछे चलने वाली नौकरानियों का अंदाज देखकर लगता है कि उस जमाने में भी कर्मचारी कितना अनुशासित थे। फ़िरौन की रानी बनी में जब वो ट्रे लेकर आती हैं, तो उनकी आंखों में रानी के प्रति सम्मान साफ दिखता है। ये छोटी-छोटी बारीकियां ही शो को असली बनाती हैं। नेटशॉर्ट पर गुणवत्ता देखकर हैरानी होती है।
नीले कमल के फूल और शांत पानी के बीच रानी और योद्धा का ये पल फ़िरौन की रानी बनी का सबसे खूबसूरत सीन है। जब रानी योद्धा के कंधे पर सिर रखती है, तो लगता है दुनिया भर की जिम्मेदारियां गायब हो गईं। ऐसे सीन देखकर मन शांत हो जाता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे पल कैद करना कमाल है।
रानी के गले में पहना सोने का हार और कमर पर बंधी कमरबंद फ़िरौन की रानी बनी में सबसे ज्यादा आंखें चुराती है। हर गहना इतना बारीकी से बना है कि लगता है असली खजाना पहना हो। जब वो खाना खाते हुए मुस्कुराती है, तो जेवरों की चमक और बढ़ जाती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे दृश्य देखना आलीशान अनुभव है।
योद्धा की आंखों में जब वो रानी को देखता है, तो एक अजीब सा दर्द और मोहब्बत दोनों झलकते हैं। फ़िरौन की रानी बनी में ये बिना संवाद वाली अभिनय सबसे ज्यादा असर करती है। जब वो रानी के सिर पर हाथ रखता है, तो लगता है वो उसे दुनिया से बचाना चाहता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे भावनात्मक सीन देखकर रूह कांप जाती है।
फ़िरौन की रानी बनी में महल के स्तंभ और नीले पर्दे देखकर लगता है जैसे मिस्र की सैर पर निकल गए हों। हर कोने में इतनी बारीकी से डिजाइन किया गया है कि आंखें थकती ही नहीं। जब रानी महल से बाहर निकलती है, तो सूरज की रोशनी और महल का सुनहरा रंग कमाल लगता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सेट देखना सपनों जैसा है।
रानी और योद्धा का एक-दूसरे को खाना खिलाना फ़िरौन की रानी बनी का सबसे प्यारा सीन है। जब रानी योद्धा के मुंह के पास खाना ले जाती है, तो उसकी आंखों में जो शरारत है वो देखने लायक है। ये छोटा सा पल उनके रिश्ते की गहराई बता देता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे हल्के-फुल्के पल देखकर दिन बन जाता है।
जब रानी गुस्से में योद्धा से बात करती है, तो फ़िरौन की रानी बनी में उसकी आवाज में जो तेज है वो देखकर डर लगता है। लेकिन फिर जब वो उसके गले लग जाती है, तो लगता है गुस्सा बस प्यार का दूसरा रूप था। ऐसे उतार-चढ़ाव वाले किरदार देखना मजेदार है। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदारों को जीना आसान नहीं।
फ़िरौन की रानी बनी में जब सूरज ढलता है और महल पर सुनहरी रोशनी पड़ती है, तो माहौल जादुई हो जाता है। रानी और योद्धा का तालाब किनारे बैठना और धीरे-धीरे अंधेरा छा जाना, ये सब मिलकर एक बेहतरीन सीन बनाते हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे दृश्य देखकर लगता है फ़िल्म देख रहे हैं।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम