फिरौन की रानी बनी का यह सीन देखकर रूह कांप गई। जब सैनिकों ने उस बेचारी को पकड़ा, तो उसकी आंखों में मौत का डर साफ दिख रहा था। रानी का वह पत्थर सा चेहरा और सामने खड़े राजकुमार की चुप्पी सब कुछ बता रही है। सत्ता के खेल में कितनी मासूम जानें कुर्बान हो जाती हैं, यह दृश्य दिल दहला देने वाला है।
काले लिबास वाली रानी की आंखों में जरा भी दया नहीं है। फिरौन की रानी बनी में जब वह हुक्म देती है, तो लगता है जैसे उसने इंसानियत मार दी हो। सामने रोती हुई लड़कियों का दर्द उसे छू भी नहीं रहा। सत्ता के नशे में इंसान कैसे पत्थर हो जाता है, इसका जीता जागता उदाहरण है यह किरदार।
गुलाबी लिबास पहनी युवती की आंखों में जो आंसू थे, वो सीधे दिल में उतर गए। फिरौन की रानी बनी के इस एपिसोड में उसका डर और बेबसी साफ झलक रही थी। जब उसके सामने किसी को घसीट कर ले जाया गया, तो उसकी सांसें थम सी गईं। अभिनेत्री ने बिना एक शब्द बोले अपना दर्द बयां कर दिया।
सिंहासन पर खड़े तीनों के चेहरे पर अहंकार साफ दिख रहा था। फिरौन की रानी बनी में दिखाया गया यह दरबार सच में भयानक है। जहां एक तरफ सोने के सिंहासन हैं, वहीं दूसरी तरफ इंसानों की चीखें गूंज रही हैं। यह तबाही मचाने वाला नजारा देखकर गुस्सा आ रहा है कि अमीरी के नाम पर इंसानियत कैसे मर जाती है।
जब वह लड़की घुटनों के बल गिरकर माफी मांग रही थी, तो दिल पसीज गया। फिरौन की रानी बनी में उसकी टूटी हुई आवाज और कांपते हाथ देखकर लगा कि शायद रानी का दिल पिघले, पर ऐसा हुआ नहीं। सत्ता के सामने गरीब की पुकार हमेशा अनसुनी ही रह जाती है, यह कड़वा सच इस सीन में दिखाया गया है।
नीले लिबास वाले राजकुमार ने एक शब्द नहीं बोला, बस चुपचाप सब देखता रहा। फिरौन की रानी बनी में उसकी यह खामोशी सबसे बड़ा अपराध लग रही है। जब सामने अन्याय हो रहा हो और आप चुप रहें, तो आप भी उतने ही अपराधी हैं। उसकी आंखों में छिपी बेबसी या शायद मजबूरी साफ पढ़ी जा सकती थी।
रात के वक्त मशालों की रोशनी में यह नाटक देखकर रोंगटे खड़े हो गए। फिरौन की रानी बनी का सेट डिजाइन कमाल का है, पर कहानी का हर पल डरावना है। अंधेरी रात, ऊंचे महल और नीचे चीखती हुई लड़कियां, यह दृश्य किसी भयानक सपने जैसा लग रहा था। माहौल इतना भारी था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था।
बिना किसी कसूर के इन लड़कियों को सजा दी जा रही है, यह देखकर गुस्सा आ रहा है। फिरौन की रानी बनी में दिखाया गया यह अन्याय सहन नहीं हो रहा। रानी के हुक्म पर सैनिक जैसे मशीन बनकर काम कर रहे हैं। क्या सत्ता पाने के लिए इंसानियत गंवाना जरूरी है? यह सवाल इस सीन के बाद बार बार दिमाग में आ रहा है।
स्क्रीन पर आंसुओं की बारिश हो रही थी। फिरौन की रानी बनी के इस सीन में हर चेहरे पर गम साफ दिख रहा था। चाहे वह रोती हुई कैदी हो या सामने खड़ी सहेली, सबकी आंखें नम थीं। बस रानी का चेहरा पत्थर का बना हुआ था। इतना दर्दनाक सीन देखकर लगता है कि असली जंग तलवारों से नहीं, दिलों में लड़ी जाती है।
रानी ने जैसे ही इशारा किया, सैनिक आगे बढ़ गए। फिरौन की रानी बनी में यह पल सबसे ज्यादा डरावना था। एक छोटे से इशारे पर इंसान की जिंदगी तबाह हो सकती है, यह हकीकत इस सीन में दिखाई गई है। उस लड़की की चीखें आज भी कानों में गूंज रही हैं। यह कहानी हमें बताती है कि तानाशाही कितनी खतरनाक हो सकती है।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम