कबाड़ का मेक सुल्तान में जब वह विशाल रोबोट धुंध में से बाहर आता है, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उसकी धातु की चमक और नीली आँखें किसी डरावने सपने जैसी लगती हैं। इंसानों का छोटा सा समूह उसके सामने बिल्कुल नगण्य लग रहा था। यह दृश्य सिनेमा की ताकत को दिखाता है जहाँ तकनीक और डर का मिलन होता है।
इस शो में एलियन क्रिएचर की डिजाइन सचमुच दिल दहला देने वाली है। उसकी कई आँखें और लटकते हुए मुंह के हिस्से किसी बुरे सपने से कम नहीं लगते। जब वह गुस्से में अपनी आँखें लाल करता है, तो स्क्रीन देखने वाले की रूह कांप जाती है। कबाड़ का मेक सुल्तान ने विजुअल इफेक्ट्स के मामले में नया मानक स्थापित किया है।
युवा पायलट के चेहरे पर जो डर और दृढ़ संकल्प दोनों एक साथ दिखाई दिए, वह कमाल का था। कॉकपिट में बैठकर जब वह रोबोट को कंट्रोल करता है, तो लगता है जैसे वह अपनी किस्मत से लड़ रहा हो। उसकी आँखों में आंसू और चेहरे पर पसीना यह बता रहा था कि यह लड़ाई सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक भी है।
साइबोर्ग कमांडर जिसका आधा चेहरा मशीन है, उसका गुस्सा और दर्द साफ झलक रहा था। उसकी पट्टी बंधी बांह और नीली रोशनी वाली आँख यह बता रही थी कि वह पिछली लड़ाई में बुरी तरह टूट चुका है। जब वह चिल्लाता है, तो लगता है कि वह अपनी हार का बदला लेना चाहता है। कबाड़ का मेक सुल्तान में किरदारों की गहराई लाजवाब है।
सफेद सूट वाली महिला अधिकारी की आँखों में जो आंसू थे, उन्होंने पूरे माहौल को भारी कर दिया। वह रोबोट को देख रही थी जैसे वह उसका अपना बच्चा हो जो खतरे में है। उसकी चिंता और बेचैनी यह बता रही थी कि इस युद्ध में उसने कितना कुछ खोया है। इमोशनल ड्रामा और एक्शन का यह संगम बेमिसाल है।
जब रोबोट ने अपनी कलाई से नीला एनर्जी ब्लेड निकाला, तो थिएटर में सन्नाटा छा गया। वह नीली रोशनी अंधेरे में तलवार की तरह चमक रही थी। यह हथियार सिर्फ ताकत का प्रतीक नहीं, बल्कि इंसानियत की आखिरी उम्मीद भी लग रहा था। एक्शन सीक्वेंस की तैयारी इतनी शानदार थी कि सांस रुक गई।
जब आसमान से नीले रंग के हथियार बरसे और एलियन के शरीर को चीरते हुए अंदर घुस गए, तो वह दृश्य रोंगटे खड़े करने वाला था। हरे रंग का खून और नीली बिजली का मिलन एक विचित्र लेकिन खूबसूरत नजारा था। कबाड़ का मेक सुल्तान में एक्शन सीन्स की कोरियोग्राफी हॉलीवुड स्तर की है।
पीछे खड़ी भीड़ के चेहरों पर जो हैरानी और डर था, वह बहुत रियल लग रहा था। जब वे सब एक साथ ऊपर देखते हैं, तो लगता है जैसे पूरी दुनिया रुक गई हो। उन युवा कैडेट्स की आँखों में भविष्य का डर साफ दिखाई दे रहा था। यह भीड़ का दृश्य फिल्म के माहौल को और गहरा करता है।
इस शो में जहाँ एक तरफ हाई टेक रोबोट और एलियन हैं, वहीं दूसरी तरफ इंसानों के जज्बात हैं। जब पायलट रोबोट के जरिए लड़ता है, तो लगता है जैसे मशीन के अंदर इंसान की आत्मा धड़क रही हो। कबाड़ का मेक सुल्तान ने साबित किया है कि विज्ञान कथा में भी दिल हो सकता है।
जब एलियन जमीन पर गिरता है और धुआं उठता है, तो यह स्पष्ट नहीं होता कि क्या वह मर गया है या वापस आएगा। यह सस्पेंस दर्शकों को अगले एपिसोड के लिए मजबूर कर देता है। रोबोट का खड़ा होना और विजयी मुद्रा यह बता रहा था कि यह युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। अंत बेहद रोमांचक था।
इस एपिसोड की समीक्षा
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