किसान पिता दुनिया का बाप में पिता का संघर्ष और बेटी के प्रति प्यार दिल को छू लेता है। खेत में लड़ते हुए से लेकर महल में बेटी की शादी रोकने तक, हर दृश्य में जज़्बात है। वह गंदे कपड़ों में भी नायक लगता है। आखिर में बेटी का दौड़कर आना और गले लगना, बस वही पल सब कुछ है।
जब वह बूरे थैले के साथ महल में पहुंचा, तो सबने उसे नीचा दिखाया। लेकिन किसान पिता दुनिया का बाप ने साबित कर दिया कि असली अमीरी दिल की होती है। दामाद का घमंड तोड़ना और बेटी को गले लगाना, यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। पिता का प्यार सबसे बड़ा हथियार है।
दामाद का व्यवहार देखकर गुस्सा आ गया, लेकिन किसान पिता दुनिया का बाप ने बिना बोले सब कुछ कह दिया। उसने न तो मारा, न चिल्लाया, बस अपनी मौजूदगी से सबको झुकने पर मजबूर कर दिया। बेटी की आंखों में आंसू और पिता का सहारा, यह जोड़ी कभी पुरानी नहीं होती। सच्चा प्यार यही है।
शादी का कार्ड जमीन पर गिरा और दामाद ने उसे कुचल दिया, यह देखकर दिल टूट गया। किसान पिता दुनिया का बाप में दिखाया गया है कि कैसे समाज गरीबों को देखता है। लेकिन अंत में बेटी का दौड़कर आना और पिता को गले लगाना, यह सब कुछ बदल देता है। प्यार की जीत हुई है।
किसान पिता दुनिया का बाप की कहानी बताती है कि पिता कितना त्याग करते हैं। खेत में मेहनत करना, लड़ना, और फिर बेटी की शादी में बिना बुलाए जाना। जब बेटी ने उसे देखा और दौड़कर गले लगाया, तो लगा सब मेहनत सफल हुई। यह रिश्ता अटूट है।
किसान पिता दुनिया का बाप में अमीरी और गरीबी का फर्क बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। महल की चमक और खेत की मिट्टी, दोनों के बीच पिता का प्यार ही कड़ी है। दामाद का घमंड और पिता की सादगी, यह टकराव देखने लायक है। अंत में प्यार की जीत होती है।
जब बेटी ने शीशे में देखा और फिर बाहर दौड़ी, तो उसकी आंखों में सिर्फ पिता था। किसान पिता दुनिया का बाप ने यह साबित कर दिया कि खून का रिश्ता सबसे ऊपर होता है। दामाद और उसकी मां का घमंड धरा रह गया। पिता-बेटी का प्यार अमर है।
वह बूरा थैला जिसमें शायद कुछ नहीं था, लेकिन उसमें पिता का सारा प्यार था। किसान पिता दुनिया का बाप में यह छोटी चीज बड़ी बात कह जाती है। दामाद ने उसे ठुकराया, लेकिन बेटी ने उसे गले लगा लिया। असली दौलत यही है।
दामाद का घमंड टूटा जब उसने देखा कि बेटी किससे जाकर मिली। किसान पिता दुनिया का बाप में दिखाया गया है कि अहंकार इंसान को अंधा कर देता है। लेकिन प्यार की रोशनी सब कुछ साफ कर देती है। अंत में सिर्फ प्यार बचता है।
पिता ने कुछ नहीं कहा, बस खड़ा रहा। लेकिन बेटी ने दौड़कर आकर सब कुछ कह दिया। किसान पिता दुनिया का बाप में यह खामोशी सबसे बड़ी आवाज थी। दामाद और उसकी मां की बातें बेकार साबित हुईं। प्यार की भाषा सबसे ऊपर है।
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