कबाड़ का मेक सुलतान में भावनाओं का जो तूफान दिखाया गया है वो दिल दहला देता है। जब साइबोर्ग पिता और उसकी पत्नी के बीच बहस होती है, तो लगता है जैसे भविष्य की तकनीक भी इंसानी रिश्तों के बोझ से अछूती नहीं है। उस लड़के की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी।
जब डेमियन सोलारी और उसके दोस्त उस नए लड़के का मजाक उड़ाते हैं, तो स्क्रीन पर गुस्सा उबल आता है। कबाड़ का मेक सुलतान ने दिखाया कि कैसे अमीरजादे अपनी ताकत के नशे में चूर होते हैं। लेकिन उस लड़के की आंखों में जो आग थी, वो सबको जला देने के लिए काफी थी।
उस लड़के ने जब चश्मा पहना और सिमुलेशन में घुसा, तो सांस रुक गई। कबाड़ का मेक सुलतान का वो सीन जहां वह विशाल रोबोट से लड़ता है, एक्शन का बेहतरीन नमूना है। लेजर बीम और धमाकों के बीच उसकी जीत ने साबित कर दिया कि हुनर कपड़ों से नहीं, हौसले से आता है।
लीडरबोर्ड पर जब उस अनजान नाम ने डेमियन सोलारी को पीछे छोड़ दिया, तो उसका चेहरा देखने लायक था। कबाड़ का मेक सुलतान में यह मोड़ सबसे संतोषजनक था। जो लड़का कल तक मजाक का पात्र था, आज वही चैंपियन बनकर उभरा है। बदला सबसे स्वादिष्ट ठंडा ही होता है।
कबाड़ का मेक सुलतान की सेटिंग इतनी शानदार है कि बस देखते ही रह जाओ। पहाड़ों के बीच बना वह फ्यूचरिस्टिक बेस और ट्रेनिंग ग्राउंड की तकनीक कमाल की है। हर कोने से लगता है कि हम सच में २०५० में आ गए हैं। विजुअल्स ने कहानी को और भी गहराई दी है।
उस औरत की आंखों में जो आंसू थे, उन्होंने सब कुछ कह दिया। कबाड़ का मेक सुलतान में परिवार के टूटने का दर्द बहुत गहराई से दिखाया गया है। जब वह अपने साइबोर्ग पति से विनती कर रही थी, तो लगा जैसे वह भविष्य की तकनीक के आगे हार गई हो। इंसानी जज्बात मशीन से ऊपर हैं।
जब उस लड़के ने पहली बार मेक सूट पहना और कंट्रोल पैनल संभाला, तो रोंगटे खड़े हो गए। कबाड़ का मेक सुलतान ने ट्रेनिंग सीक्वेंस को बहुत ही रोमांचक बनाया है। पसीना, तकनीक और जुनून का यह मिश्रण दर्शकों को बांधे रखता है। हर सेकंड में एड्रेनालाईन का डोज है।
शुरुआत में सब उसे नीची नजर से देखते थे, लेकिन अंत में उसने सबकी बोलती बंद कर दी। कबाड़ का मेक सुलतान की कहानी इसी संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है। जब वह अकेला खड़ा था और सब उसके खिलाफ थे, तब भी उसने हार नहीं मानी। यही तो हीरो की पहचान है।
डेमियन सोलारी का किरदार और उसकी रोबोटिक बांह उसे एक खतरनाक विलेन बनाती है। कबाड़ का मेक सुलतान में उसका घमंड और नफरत साफ झलकती है। जब वह दूसरों को धमकाता है, तो लगता है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल कितना विनाशकारी हो सकता है। उसका अंत देखने को बेताब हूं।
कबाड़ का मेक सुलतान नेटशॉर्ट ऐप पर देखना एक अलग ही अनुभव है। कहानी की रफ्तार और विजुअल्स की क्वालिटी इतनी शानदार है कि बिंज वॉच किए बिना रह नहीं सकते। हर एपिसोड के बाद अगला एपिसोड देखने की बेचैनी बढ़ती जाती है। यह शो सच में गेम चेंजर है।
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