जब सफेद कुक ने चाकू उठाया, तो हवा में तनाव छा गया। उसकी आँखों में जीत की चमक थी। कुकिंग का राजा में यह दृश्य सबसे बेहतरीन है। दर्शक साँस रोके देख रहे थे। उसका आत्मविश्वास देखकर लगता है जैसे वह रसोई का बादशाह हो। हर कदम पर ड्रामा और हर पल में सस्पेंस।
काले कुक का चेहरा देखकर लग रहा था जैसे उसकी दुनिया ढह गई हो। एफबीआई वाले आए और सब कुछ बदल गया। कुकिंग का राजा में यह ट्विस्ट बहुत तेज़ था। लाल रिबन वाला कुक अब बेबस लग रहा था। दर्शकों की प्रतिक्रिया भी दिलचस्प थी। कोई हँस रहा था, कोई हैरान था।
सफेद कुक ने मक्खन को ऐसे काटा जैसे वह हीरा हो। उसकी तकनीक देखकर सब दंग रह गए। कुकिंग का राजा में यह पल यादगार बन गया। उसने चाकू को हवा में घुमाया और मक्खन दो हिस्सों में बंट गया। यह सिर्फ खाना नहीं, कला थी। दर्शक तालियाँ बजा रहे थे।
जब एफबीआई वाली महिला आई, तो सबकी धड़कनें तेज़ हो गईं। कुकिंग का राजा में यह मोड़ बिल्कुल अप्रत्याशित था। काले कुक का चेहरा पीला पड़ गया। सफेद कुक मुस्कुराता रहा। यह सिर्फ कुकिंग शो नहीं, एक थ्रिलर बन गया। हर कोई सोच रहा था कि आगे क्या होगा।
दर्शकों के चेहरे पर हैरानी और खुशी दोनों थी। कोई ताली बजा रहा था, कोई मुँह खोले देख रहा था। कुकिंग का राजा में यह माहौल बहुत जीवंत था। सफेद कुक की जीत पर सब खुश थे। काले कुक की हार पर कोई दुखी नहीं था। सबने मज़ा लिया।