शुरुआत में ही शेफ का सुनहरे मुखौटे को पहनना और फिर टोपी लगाना किसी जादू से कम नहीं लगता। यह कुकिंग का राजा शो का सबसे ड्रामेटिक एंट्री है। दर्शकों की तालियां और उत्साह देखकर लगता है कि यह प्रतियोगिता बहुत ही रोमांचक होने वाली है। हर कोई इस अनजान शेफ को जानने के लिए बेताब है।
होस्ट का जोश और मंच पर आग और बर्फ का विजुअल इफेक्ट देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब उन्होंने घोषणा की कि यह कुकिंग का राजा चैंपियनशिप है, तो माहौल में एक अलग ही ऊर्जा आ गई। सभी प्रतिभागी अपनी जगह पर खड़े होकर गंभीरता से सुन रहे हैं, जो बताता है कि दांव बहुत ऊंचे हैं।
विभिन्न रंगों के यूनिफॉर्म में खड़े शेफ्स के चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा है। कोई बांहें बांधे खड़ा है तो कोई हाथ जोड़े प्रार्थना कर रहा है। कुकिंग का राजा के इस मंच पर हर कोई अपनी बेस्ट परफॉरमेंस देने के लिए तैयार दिख रहा है। यह मानसिक दबाव ही असली खेल है।
भीड़ में खड़े लोग कभी तालियां बजा रहे हैं तो कभी हैरानी से मुंह ढक ले रहे हैं। जब होस्ट ने कोई बड़ी घोषणा की, तो सबके चेहरे पर चौंकने वाला एक्सप्रेशन था। कुकिंग का राजा का यह एपिसोड दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब रहा है। हर किसी की नजरें मंच पर टिकी हैं।
काली टोपी और सूट पहने होस्ट का अंदाज बहुत ही दमदार है। वह माइक पकड़कर जैसे ही बोलते हैं, पूरा हॉल शांत हो जाता है। उनकी हरकतें और आवाज में जोश कुकिंग का राजा के माहौल को और भी गर्म बना रहा है। वह सिर्फ होस्ट नहीं, बल्कि शो की जान लग रहे हैं।
वह शेफ जो सुनहरे मुखौटे के पीछे छिपा है, वह कौन हो सकता है? उसकी आंखों में एक अलग ही चमक है। कुकिंग का राजा में ऐसे अनजान खिलाड़ी का आना खेल को और भी दिलचस्प बना देता है। क्या वह कोई पुराना चैंपियन है या नया चेहरा? यह सवाल सबके दिमाग में है।
गुलाबी पोशाक में महिला होस्ट का आत्मविश्वास देखने लायक है। वह माइक पकड़कर इतने आत्मविश्वास से बोल रही हैं कि लगता है वह इस मंच की रानी हैं। कुकिंग का राजा के इस डबल होस्टिंग प्रारूप ने शो को एक नया आयाम दिया है। दोनों होस्ट्स का तालमेल बहुत अच्छा है।
पीछे की स्क्रीन पर 'चूल्हा जलाओ' लिखा देखकर ही समझ आ जाता है कि अब असली आग लगने वाली है। सभी शेफ्स एक दूसरे को घूर रहे हैं, जैसे कोई युद्ध शुरू होने वाला हो। कुकिंग का राजा का यह सेट डिजाइन और पृष्ठभूमि संगीत दर्शकों को बांधे रखने के लिए काफी है।
भीड़ में खड़े हर व्यक्ति के चेहरे पर अलग-अलग भावनाएं हैं। कोई चिंतित है, कोई उत्साहित है, तो कोई बस तमाशबीन बना हुआ है। कुकिंग का राजा सिर्फ खाना बनाने की प्रतियोगिता नहीं, बल्कि इंसानी जज्बातों का भी खेल है। हर किसी की अपनी कहानी इस मंच से जुड़ी हुई लगती है।
होस्ट के हर शब्द के बाद दर्शकों और प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाएं बदल रही हैं। जब होस्ट ने अगले राउंड का संकेत दिया, तो सबकी सांसें थम सी गईं। कुकिंग का राजा का यह रोमांचक अंत दर्शकों को अगले एपिसोड के लिए बेताब कर देगा। अब कौन बाहर होगा और कौन आगे बढ़ेगा?
इस एपिसोड की समीक्षा
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