सफेद बालों वाले खिलाड़ी को शुरू में बेंच पर बैठे देख दुख हुआ, लेकिन जब उसने अपना जादूई हुनर दिखाया, तो सब हैरान रह गए। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस अनदेखे हीरो ने साबित कर दिया कि असली ताकत मैदान में नहीं, इरादों में होती है। उसका वापसी का पल देखकर दिल खुश हो गया और उम्मीद जाग गई।
मैच के दौरान कमेंटेटर का उत्साह देखने लायक था। उसने हर पल को इतने जोश से बताया कि लग रहा था जैसे हम भी मैदान में हैं। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के हर मूव पर उसकी प्रतिक्रिया ने दर्शकों को बांधे रखा। जब गोल हुआ, तो उसकी चीख ने पूरे स्टेडियम को हिला दिया। ऐसा कमेंट्री हर मैच में नहीं मिलती।
लाल जर्सी वाले दो खिलाड़ियों के बीच की दोस्ती और समझदारी देखकर दिल खुश हो गया। एक ने गोल किया तो दूसरे ने उसे गले लगाया। पंचदीपा की फुटबॉल टीम में यह भाईचारा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे पल दिखाते हैं कि फुटबॉल सिर्फ खेल नहीं, रिश्तों का नाम भी है। यह दृश्य बहुत ही दिल को छू लेने वाला था।
नीली जर्सी वाले खिलाड़ी का चेहरा देखकर अफसोस हुआ। वह मेहनत कर रहा था, लेकिन किस्मत साथ नहीं दे रही थी। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के सामने उसकी हार दर्शकों को भी दुखी कर गई। खेल में जीत-हार तो होती रहती है, लेकिन उस खिलाड़ी की आंखों में छिपा दर्द देखकर सबकी आंखें नम हो गईं।
ऑफिस में बैठे महिला अधिकारी का गुस्सा और तनाव देखकर लगा कि खेल के पीछे कितनी राजनीति होती है। उसने कागजात देखकर जो प्रतिक्रिया दी, वह चौंकाने वाली थी। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के प्रदर्शन से उसका क्या लेना देना है, यह तो पता नहीं, लेकिन उसका गुस्सा माहौल को गंभीर बना रहा है।