जब वह महिला पार्किंग लॉट में आती है, तो लगता है कि कहानी में कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। उसकी आँखों में गुस्सा और आत्मविश्वास दोनों हैं। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस किरदार ने सबका ध्यान खींच लिया।
एक तरफ बैट लेकर खड़े गुंडे, दूसरी तरफ फुटबॉल लेकर खड़ा एक खिलाड़ी। यह मुकाबला देखकर लगता है कि फुटबॉल सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक हथियार भी हो सकता है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम का यह सीन यादगार है।
पार्किंग लॉट में हुआ यह ड्रामा किसी एक्शन मूवी से कम नहीं है। गुंडों की धमकी, फुटबॉलर की चालाकी, और फिर पुलिस की एंट्री - सब कुछ परफेक्ट तरीके से दिखाया गया है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस एपिसोड ने दिल जीत लिया।
जब वह फुटबॉल को अपनी उंगली पर घुमाता है, तो लगता है कि वह सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक जादूगर है। उसकी स्मार्टनेस और चालाकी ने गुंडों को हरा दिया। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस किरदार ने सबको चौंका दिया।
जब गुंडे जमीन पर गिरते हैं, तो लगता है कि न्याय हो गया। उनकी आँखों में डर और हैरानी साफ दिख रही थी। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस एपिसोड में एक्शन और ड्रामा का बेहतरीन मिश्रण है।