PreviousLater
Close

(डबिंग) तलवार के दम पर सरताजवां62एपिसोड

like2.7Kchase6.9K

(डबिंग) तलवार के दम पर सरताज

माता-पिता की खोज में विक्रम पहाड़ से उतरा। जेड ताबीज़ लेकर वह योद्धाओं की दुनिया में आया। शक्तिनगर में अंजलि चौहान को राठौरों से बचाया, दोनों परिवारों के झगड़े में फंस गया। चौहान परिवार में पता चला कि सीमा उसकी माँ है, ताबीज़ से उसका नाता। पिता राजेश ने उसे 'निकम्मा' कहा। माँ सीमा और बहन प्रिया पर खतरा आया तो उसने ताकत छिपाना छोड़ा, परिवार की रक्षा को लड़ने का संकल्प लिया।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

माँ का दर्द

सफेद पोशाक वाली माँ का चेहरा देखकर लगता है जैसे वह टूट गई हो। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में एक्टिंग इतनी नेचुरल है कि आप भी उनके साथ रो पड़ेंगे। परिवार का बंधन बहुत गहरा दिखाया गया है।

लाल कार्पेट पर खून

लाल कार्पेट पर गिरता खून और फिर अंत में श्मशान का दृश्य, यह कंट्रास्ट बहुत पावरफुल था। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज की स्टोरीलाइन में यह ट्विस्ट उम्मीद से ज्यादा इमोशनल निकला।

अनूप की आँखों में आंसू

जब अनूप ने पिता को 'पिताजी' कहा, तो उसकी आवाज़ में जो दर्द था, वह बयां नहीं किया जा सकता। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह सीन सबसे ज्यादा यादगार बना रहेगा।

बांस के जंगल का माहौल

अंत में बांस के जंगल में श्मशान का दृश्य बहुत शांत लेकिन उदास था। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज ने विजुअल्स के जरिए भी कहानी को गहराई दी है। प्रकृति और दुख का मेल बहुत खूबसूरत था।

परिवार का एकजुट होना

पिता की मृत्यु के बाद पूरा परिवार एक साथ खड़ा हुआ, यह देखकर लगा कि दुख में ही रिश्ते मजबूत होते हैं। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह संदेश बहुत अच्छे से दिया गया है।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down