अमित का अहंकार साफ झलकता है जब वह कहता है कि जब तक उसे खिताब नहीं मिलता, कोई नहीं जाएगा। उसकी आँखों में जीत की चमक और चेहरे पर घमंड है। वह खुद को सबसे ताकतवर समझता है, लेकिन क्या वह वाकई इतना सक्षम है? (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे किरदार दर्शकों को उत्सुक बनाए रखते हैं।
आशीष ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर चौहान परिवार हार नहीं मानता, तो वह उनकी जान ले लेगा। उसकी आवाज़ में गंभीरता और चेहरे पर निर्दयता है। वह अपने हथियार के साथ खड़ा होकर सबको डरा रहा है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे विलेन दर्शकों को रोमांचित करते हैं।
लाल रंग का मंच और चारों ओर खड़े योद्धाओं का दृश्य बहुत ही डरावना लग रहा है। अमित ने घोषणा की है कि यह मृत्यु का रण है, जहाँ एक बार कदम रखने के बाद जीना या मरना भाग्य पर निर्भर है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे दृश्य दर्शकों की सांसें रोक देते हैं।
आनंद ने अमित को ललकारा है और कहा है कि वह उससे लड़ेगा। उसकी आँखों में गुस्सा और चेहरे पर दृढ़ संकल्प है। वह अपने गुरु के अपमान का बदला लेना चाहता है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे युवा योद्धा दर्शकों को प्रेरित करते हैं।
मायादेवी तीसरे स्थान पर है, जो उसकी ताकत को दर्शाता है। वह शांत खड़ी है, लेकिन उसकी आँखों में आग है। वह जानती है कि यह लड़ाई आसान नहीं होगी, लेकिन वह हार नहीं मानेगी। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे महिला किरदार दर्शकों को प्रभावित करते हैं।