राहुल ने बताया कि गुरुजी ने उसका बहुत अच्छा ख्याल रखा, लेकिन माँ की याद हमेशा आती रही। कार्यक्रम 'तलवार के दम पर सरताज' में ये संवाद दिखाता है कि कैसे एक बच्चे के लिए माँ का प्यार सबसे ऊपर होता है। राहुल की आँखों में माँ के लिए प्यार और दर्द दोनों थे।
माँ ने राहुल के लिए मिठाइयाँ बनाई थीं और कहा कि उसे खाना चाहिए ताकि लड़ने की ताकत आए। कार्यक्रम 'तलवार के दम पर सरताज' में ये दृश्य दिखाता है कि कैसे माँ का प्यार हर मुश्किल में साथ देता है। राहुल का माँ के प्यार को महसूस करना बहुत प्यारा था।
राहुल ने माँ से पूछा कि उसे क्यों छोड़ दिया गया, तो माँ ने कहा कि शायद उसकी माँ भी उसे ढूंढ रही होगी। कार्यक्रम 'तलवार के दम पर सरताज' में ये संवाद बहुत भावनात्मक था। राहुल का माँ से नाराज न होना और माँ का प्यार दिखाता है कि रिश्ते कभी नहीं टूटते।
जब राहुल ने कहा कि राठौड़ परिवार अभी तक खत्म नहीं हुआ, तो माँ की आँखों में चमक आ गई। कार्यक्रम 'तलवार के दम पर सरताज' में ये दृश्य दिखाता है कि कैसे एक परिवार की उम्मीद कभी नहीं मरती। राहुल की ताकत और माँ का प्यार मिलकर नई उम्मीद दे रहे थे।
अभेद्य शिला का एक वार में टूटना किसी जादू से कम नहीं था। राठौड़ परिवार वाले हैरान थे कि इतनी ताकत किसमें हो सकती है। कार्यक्रम 'तलवार के दम पर सरताज' में ये दृश्य साहसिक दृश्य और रहस्य का परफेक्ट मिश्रण है। लगता है राहुल ही वो गुप्त योद्धा है जिसकी सबको तलाश थी।