कहानी की गति और प्रवाह बहुत ही अच्छा है। हर दृश्य अगले दृश्य से जुड़ा हुआ है और कहानी आगे बढ़ती रहती है। गुलाब का बदला दर्शकों को बोर नहीं होने देती और अंत तक बांधे रखती है।
इस शॉर्ट फिल्म में भावनात्मक तनाव का चरम देखने को मिलता है। पात्रों के बीच की जटिलताएं और उनके चेहरे के भाव बहुत ही अच्छे से दिखाए गए हैं। गुलाब का बदला की कहानी दर्शकों को बांधे रखती है और अंत तक उत्सुक बनाए रखती है।
मुख्य अभिनेत्री का प्रदर्शन शानदार है। उसने दर्द और आघात को बहुत ही सटीकता से दर्शाया है। उसके चेहरे के भाव और शारीरिक भाषा दर्शकों को उसकी पीड़ा महसूस कराते हैं। गुलाब का बदला में उनका अभिनय देखने लायक है।
दृश्य संरचना और कैमरा वर्क बहुत ही प्रभावशाली है। सीढ़ियों से गिरने के दृश्य को विभिन्न कोणों से दिखाया गया है, जो दर्शकों को उस पल में जीवित महसूस कराता है। गुलाब का बदला की तकनीकी पहलू भी बहुत मजबूत हैं।
पात्रों के बीच की जटिलताएं और उनके रिश्ते बहुत ही दिलचस्प हैं। हर पात्र की अपनी कहानी है और उनकी प्रतिक्रियाएं वास्तविक लगती हैं। गुलाब का बदला में इन जटिलताओं को बहुत ही बारीकी से दिखाया गया है।