गुलाब का बदला में अल्फ्रेड के अंतिम संस्कार का दृश्य बहुत भावुक है। रोस की आँखों में आँसू और चेहरे पर दर्द साफ दिख रहा है। वहीं, उसका प्रेमी सिगरेट पीते हुए शांत खड़ा है, मानो सब कुछ प्लान किया हो। यह जोड़ी आगे क्या करेगी, यह जानने के लिए मैं बेचैन हूँ। नेटशॉर्ट की स्टोरीटेलिंग कमाल की है।
गुलाब का बदला में सौतेली माँ का किरदार इतना नफरत भरा है कि गुस्सा आता है। वह रोस को नीचा दिखाने का हर मौका लेती है, लेकिन लगता है कि रोस अब चुप नहीं रहेगी। उसकी आँखों में बदले की चिंगारी साफ दिख रही है। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखना मजा देता है, क्योंकि वे असली जिंदगी जैसे लगते हैं।
गुलाब का बदला में रोस का संघर्ष दिल को छू लेता है। वह अकेली है, लेकिन उसकी आँखों में ताकत है। जब वह सीढ़ियों से भागती है, तो लगता है कि वह अपनी किस्मत खुद लिखने जा रही है। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखना प्रेरणादायक है, क्योंकि वे हार नहीं मानते।
गुलाब का बदला में रोस का प्रेमी बहुत रहस्यमयी है। वह सिगरेट पीते हुए शांत खड़ा है, लेकिन उसकी आँखों में कुछ छिपा है। क्या वह रोस की मदद करेगा या धोखा देगा? यह सवाल हर एपिसोड के बाद बढ़ता जाता है। नेटशॉर्ट की कहानियाँ इतनी उलझी हुई होती हैं कि छोड़ नहीं सकते।
गुलाब का बदला में परिवार के झूठ एक-एक करके सामने आ रहे हैं। अल्फ्रेड की मौत के बाद जो सच्चाइयाँ सामने आई हैं, वे चौंकाने वाली हैं। रोस अब इन झूठों का सामना करने के लिए तैयार है। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामे देखना मजा देता है, क्योंकि वे असली जिंदगी के करीब हैं।