जब वो काली ड्रेस वाली लड़की नोटों का गड्ढा टेबल पर रखती है, तो समझ आता है कि गुलाब का बदला सिर्फ प्यार की कहानी नहीं, बल्कि सत्ता और लालच का खेल है। उस आदमी का सिगरेट पीते हुए चेहरा बता रहा है कि वो हार मान चुका है, पर बदला लेने की आग अभी बुझी नहीं है।
पार्टी के सीन में सब कुछ चमकदार लग रहा है, पर गुलाब का बदला की असली कहानी तो उन नज़रों में छिपी है जो एक-दूसरे को घूर रही हैं। वो जोड़ा जो हाथ थामे खड़ा है, क्या वो सच में खुश है या बस दिखावा कर रहा है? नेटशॉर्ट पर ऐसे ट्विस्ट देखकर दिमाग घूम जाता है।
गुलाब का बदला का हर फ्रेम एक पहेली है। वो आदमी जो शुरू में शांत लग रहा था, अंत में सिगरेट सुलगाते हुए किसी बड़े प्लान की तैयारी कर रहा है। और वो लड़की जो पैसे गिन रही है, क्या वो धोखेबाज है या मजबूर? कहानी में उतार-चढ़ाव देखकर मज़ा आ गया।
गुलाब का बदला में रिश्तों की जटिलता को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। जब वो शख्स अपनी पार्टनर के साथ खड़ा होकर दूसरी जोड़ी को देखता है, तो लगता है जैसे वो अपने अतीत को कोस रहा हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसी गहरी कहानियां मिलना दुर्लभ है।
लग्जरी पार्टी, महंगे कपड़े और शराब के गिलास, सब कुछ परफेक्ट लग रहा है, पर गुलाब का बदला की असलियत तो वो काली ड्रेस और नोटों का पुलिंदा है जो सब कुछ बदल देता है। अमीरी के पीछे छिपा अंधेरा देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।