गुलाब का बदला का नाम ही इस कहानी की असलियत बता रहा है। उस आदमी की हरकतें साफ बता रही थीं कि वह किसी बदले की आग में जल रहा है। लड़की की चीखें और उसकी बेबसी देखकर लगता है कि यह बदला बहुत खूनी होगा। नेटशॉर्ट पर ऐसे गहरे और जटिल रिश्तों को देखना और समझना बहुत दिलचस्प है।
जब उसने लड़की का गला पकड़ा, तो मैं भी सांस रोके देख रही थी। गुलाब का बदला में इतनी तीव्र भावनात्मक लड़ाई कम ही देखने को मिलती है। लड़की की आँखों में मौत का डर साफ दिख रहा था। वह आदमी इतना बेरहम कैसे हो सकता है? यह दृश्य इतना यथार्थवादी था कि लगा मैं भी वहीं हूँ। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामे देखना वाकई रोमांचक है।
अचानक दृश्य बदला और हमें एक शांत कमरे में ले गया। गुलाब का बदला की कहानी में यह फ्लैशबैक बहुत महत्वपूर्ण लग रहा है। उस आदमी के चेहरे पर अब गुस्सा नहीं, बल्कि एक अजीब सी पीड़ा थी। शायद यही वह वजह है जिसने उसे इस हद तक पहुँचा दिया। नेटशॉर्ट ऐप पर कहानी के इन गहरे पहलुओं को समझना बहुत दिलचस्प है।
लड़की ने अपनी उंगली उठाकर उस आदमी को चुनौती दी, यह पल बहुत शक्तिशाली था। गुलाब का बदला में पात्रों के बीच यह मनोवैज्ञानिक युद्ध देखने लायक है। वह आदमी हैरान रह गया, जैसे उसे अपनी ही गलती का अहसास हुआ हो। नेटशॉर्ट पर ऐसे सूक्ष्म अभिनय को पकड़ना बहुत मजेदार है, जहाँ बिना बोले सब कुछ कह दिया जाता है।
उस आदमी का हरा वेलवेट कोट और काली शर्ट उसकी खतरनाक छवि को और भी बढ़ा रही थी। गुलाब का बदला में कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने कमाल कर दिया है। जब वह दरवाजे से अंदर आया, तो लगा कोई विलेन एंट्री ले रहा हो। उसकी हरकतें और बात करने का तरीका सच में डरावना था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे विजुअल डिटेल्स पर ध्यान देना बहुत पसंद आता है।