दरवाजे खुलते ही जो रौब दिखाई दिया, वो काबिले तारीफ है। सफेद फर वाली पोशाक में नायक की एंट्री ने सबका ध्यान खींच लिया। सुंदरियों में अकेला मर्द देखकर लगता है कि असली ताकत दिखाई देने में नहीं, भाव में होती है। पीछे खड़े शिष्यों की सांसें थम सी गई थीं। उसकी चाल में एक अलग ही गरिमा थी जो हर किसी को प्रभावित कर रही थी।
तीन खूबसूरत पात्र जब सामने खड़े हुए, तो माहौल में एक अलग ही चुनौती थी। नीली, सफेद और लाल पोशाक में वो किसी परी से कम नहीं लग रहे थे। सुंदरियों में अकेला मर्द की कहानी में ये पात्र अहम भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे। उनकी आंखों में चिंता साफ झलक रही थी। हर किसी की नजरें उसी एक शख्सियत पर टिकी हुई थीं जो सबका ध्यान खींच रहा था।
नीले बालों वाला योद्धा और विशालकाय बंदर जब घुटनों पर बैठे, तो समझ आ गया कि नायक का रुतबा कितना ऊंचा है। सुंदरियों में अकेला मर्द में ऐसे दृश्य शक्ति के संतुलन को दर्शाते हैं। आग और बिजली का खेल देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उनकी ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कैसे वे सब एक के आगे झुके हुए थे।
जब नायक ने वो रंगीन पोशाक जलाई, तो लगा जैसे वह पुराने बंधनों को जला रहा हो। आग की लपटें उसके इर्द-गिर्द नाच रही थीं। सुंदरियों में अकेला मर्द का यह सीन दिखाता है कि त्याग ही असली ताकत है। धुएं में भी उसका चेहरा शांत था। इस त्याग ने सबको हैरान कर दिया और नया रास्ता खोल दिया।
आसमान में उड़ते हुए जब उसने रंगीन रोशनी बिखेरी, तो सूखी जमीन हरी भरी हो गई। यह जादू किसी वरदान से कम नहीं था। सुंदरियों में अकेला मर्द में ऐसे चमत्कार देखकर दिल खुश हो गया। प्रकृति भी उसके इशारे पर नाच रही थी। पेड़ पौधे फिर से खिल उठे और जीवन लौट आया।
नायक की आंखों में जो ठंडक और गहराई थी, वो किसी साधारण व्यक्ति की नहीं हो सकती। माथे पर हरा निशान उसकी विशेष पहचान बना। सुंदरियों में अकेला मर्द की इस झलक ने दर्शकों को बांध कर रख दिया। हर पल एक नया रहस्य खुल रहा था। उसकी खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी।
पीछे खड़े सभी शिष्य जब एक साथ झुके, तो अनुशासन की मिसाल कायम हो गई। नीले कपड़ों में वो सब एक जैसे लग रहे थे। सुंदरियों में अकेला मर्द में यह दृश्य संगठित शक्ति को दर्शाता है। सन्नाटा इतना गहरा था कि सांसें सुनाई दे रही थीं। यह सम्मान किसी राजा से कम नहीं था।
काले पंखों वाला पक्षी प्राणी जब बिजली कड़काता है, तो खौफ का माहौल बन जाता है। लेकिन नायक के सामने वह भी नतमस्तक था। सुंदरियों में अकेला मर्द में ऐसे राक्षस भी नियंत्रण में हैं। शक्ति का असली खेल यहीं दिखाई देता है। हर कोई अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा था।
जब वह बादलों के ऊपर खड़ा हुआ, तो लगा जैसे वह पूरी दुनिया पर राज कर रहा हो। हवा में तैरते कण जैसे हीरे चमक रहे थे। सुंदरियों में अकेला मर्द का यह दृश्य सिनेमाटोग्राफी का बेहतरीन नमूना है। नीला आसमान साक्षी बना रहा। ऊंचाई से सब कुछ बहुत छोटा लग रहा था।
अंत में जब वह वापस धरती की ओर देखता है, तो लगता है कि अभी कहानी शुरू हुई है। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था। सुंदरियों में अकेला मर्द में आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। हर दृश्य में एक नया मोड़ छिपा है। दर्शक बस देखते ही रह गए।