शुरू में जब वो सुनहरा पत्र आसमान में खुला तो रोंगटे खड़े हो गए। ऐसा लगा जैसे किसी बड़े फैसले की घड़ी आ गई हो। सफेद बालों वाला पात्र बहुत रहस्यमयी लग रहा है। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक है जो कहानी की गहराई बताती है। सुंदरियों में अकेला मर्द देखकर लगता है कि ये कोई साधारण प्रेम कहानी नहीं बल्कि शक्ति का खेल है। दृश्य बहुत भव्य हैं और संगीत ने माहौल को और भी रोमांचक बना दिया है। दर्शक इस जादू में खो जाते हैं।
लाल जोड़े में दुल्हन जब सामने आई तो उसकी आंखों में खुशी नहीं बल्कि गम साफ दिख रहा था। वर ने जब प्याली तोड़ी तो लगा जैसे किसी रिश्ते का अंत हो गया हो। ये दृश्य दिल को छू लेने वाला था। हर किसी को ये नाटक देखना चाहिए क्योंकि इसमें भावनाओं की गहराई बहुत है। सुंदरियों में अकेला मर्द की कहानी में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा होगा। कलाकारों का अभिनय बहुत ही लाजवाब लगा।
विशेष आसन पर बैठे वो पात्र जब पर्दे पर आए तो सन्नाटा छा गया। उनकी व्यक्तित्व में एक अलग ही रौब है। ऐसा लगता है कि वो कहानी का मुख्य सूत्रधार हैं। उनके चेहरे के भाव बता रहे हैं कि वो कुछ बड़ी योजना बना रहे हैं। सुंदरियों में अकेला मर्द में ऐसे किरदार ही जान डालते हैं। दृश्य प्रभाव भी कमाल के हैं जो इस कार्यक्रम को और भी खास बनाते हैं। लोग इसकी चर्चा कर रहे हैं।
लाल लालटेनों के बीच ये शादी किसी त्योहार से कम नहीं लग रही थी। लेकिन जब वर ने गुस्से में कदम बढ़ाया तो माहौल बदल गया। ऐसा लग रहा है कि ये विवाह किसी मजबूरी में हो रहा है। पात्रों के बीच की खिंचाव बहुत अच्छे से दिखाया गया है। सुंदरियों में अकेला मर्द देखकर यही लगता है कि आगे क्या होने वाला है। हर भाग के बाद उत्सुकता बढ़ती जाती है। ये सफर रोमांचक है।
जब हरी प्याली जमीन पर गिरकर टूटी तो लगा जैसे किसी श्राप का टूटना हो। वो दृश्य बहुत ही प्रतीकात्मक लग रहा था। दुल्हन का हाथ कांप रहा था जो उसकी घबराहट बता रहा था। ऐसे छोटे छोटे बारीकियां ही किसी कार्यक्रम को बेहतरीन बनाते हैं। सुंदरियों में अकेला मर्द में ऐसे ही पलों की कमी नहीं है। दर्शक हर पल बंधे रहते हैं और अंत जानने के लिए बेताब हो जाते हैं। ये जादू है।
नीले बालों वाली महिला जब सामने आई तो सबकी नजरें उसी पर टिक गईं। उसकी सुंदरता के साथ ही उसकी आंखों में एक उदासी भी थी। ऐसा लगता है कि उसका बीता काल बहुत कठिन रहा होगा। सुंदरियों में अकेला मर्द में हर किरदार की अपनी एक कहानी है। वेशभूषा सजावट भी बहुत ही शानदार है जो प्राचीन काल की झलक देता है। रंगों का खेल देखने लायक है।
मंदिर जैसे दिखने वाले उस भवन की वास्तुकला देखकर दंग रह गए। लाल परदे और फूलों से सजी जगह बहुत ही मनमोहक लग रही थी। लेकिन कहानी में जो तनाव है वो इस सुंदरता के विपरीत है। सुंदरियों में अकेला मर्द का मंच सजावट बहुत ही प्रशंसनीय है। हर दृश्य को चित्र की तरह सजाया गया है जो आंखों को सुकून देता है। कला का नमूना है।
वर के चेहरे पर जो गुस्सा था वो साफ झलक रहा था। ऐसा लग रहा है कि ये शादी किसी बदले का हिस्सा है। उसने जब प्याली उठाई तो लगा वो कुछ भी कर सकता है। सुंदरियों में अकेला मर्द में ऐसे ही नाटकीय पल देखने को मिलते हैं। कहानी की गति बहुत तेज है जो दर्शकों को बांधे रखती है। हर मोड़ पर एक नया झटका लगता है। रोमांच बना रहे।
जब दुल्हन ने अपना सिर झुकाया तो लगा जैसे वो किसी भारी बोझ तले दब गई हो। उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। ऐसे मौन दृश्य कभी कभी संवाद से ज्यादा असरदार होते हैं। सुंदरियों में अकेला मर्द में भावनाओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। ये कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक अनुभव है जो दिल पर गहरा असर छोड़ता है। सबको पसंद आएगा।
इस दृश्य को देखकर यही सवाल उठता है कि आखिर इनका अंत कैसे होगा। क्या वो सफेद बालों वाला व्यक्ति वही वर है या कोई अन्य? कहानी में कई पेंच हैं जो सुलझने बाकी हैं। सुंदरियों में अकेला मर्द की हर कड़ी एक नया सवाल खड़ा करती है। मैं अगले भाग का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। ये कार्यक्रम निराश नहीं करता। सब देखें।