वह लड़का जो बाकी सबके रोने-चिल्लाने के बीच मुस्कुरा रहा था, उसकी आंखों में कुछ अजीब था। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसा लगता है कि वह सब कुछ पहले से जानता था। क्या वह दोस्त है या दुश्मन? उसकी मुस्कान ने मुझे सबसे ज्यादा डराया। अस्पताल में जाकर भी वह शांत खड़ा था—यह आदमी खतरनाक है।
जब सभी लड़के आदित्य के पास दौड़े, तो लगा कि यह सच्ची दोस्ती है। लेकिन फिर वह मुस्कुराता हुआ लड़का और उसकी शांत चाल—सब कुछ बदल गया। स्कूल का शेर आदित्य में दोस्ती के नाम पर कितना धोखा छिपा है? अस्पताल के बिस्तर पर आदित्य की हालत देखकर लगता है कि यह कहानी अभी शुरू हुई है।
नीली रोशनी, गीली सड़क, और आदित्य का बेजान शरीर—यह दृश्य किसी सपने जैसा लग रहा था। स्कूल का शेर आदित्य की शुरुआत इतनी तेज और डरावनी है कि सांस लेना मुश्किल हो गया। फिर वह लड़का जो सबके पीछे खड़ा था, उसकी आंखों में जीत की चमक थी। क्या उसने ही सब प्लान किया था?
जब कैमरे ने अस्पताल के बिल पर जूम किया, तो मेरी रूह कांप गई। स्कूल का शेर आदित्य में यह दिखाया गया है कि जिंदगी कितनी सस्ती हो गई है। आदित्य के चेहरे पर पट्टियां, सांस लेने की मशीन, और वह लड़का जो शांत खड़ा था—सब कुछ एक बड़े सवाल की ओर इशारा करता है।
सभी लड़के एक जैसे कपड़े पहने हैं, लेकिन उनके इरादे बिल्कुल अलग हैं। स्कूल का शेर आदित्य में यूनिफॉर्म सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि एक छलावा है। वह लड़का जो सबसे आगे चल रहा था, उसकी आंखों में अहंकार था। क्या स्कूल में अब पढ़ाई नहीं, बल्कि सत्ता की लड़ाई हो रही है?