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शेर की दुल्हन

मीरा शर्मा एक मेडिकल स्टूडेंट है। उसके पिता डॉन शर्मा को दुश्मन विक्रांत सिन्हा मार देता है, और मीरा को उससे शादी करनी पड़ती है। विक्रांत बदला चाहता है, लेकिन मीरा की रक्षा भी करता है, और उसे पता चलता है कि मीरा के पिता बहुत बुरे इंसान थे। दोनों प्यार करने लगते हैं, लेकिन मीरा विक्रांत को बचाने के लिए अपनी बेटी संग चली जाती है। दस साल बाद वह लौटती है। अब सामने खड़ा विक्रांत क्या फैसला लेता है? क्या मीरा और नैना के लिए वह अपना सब कुछ दांव पर लगा देगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

खूनी शादी का मंजर

चर्च के अंदर का यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। दुल्हन की आंखों में आंसू और साड़ी पर खून के निशान किसी कहानी को बयां कर रहे हैं। शेर की दुल्हन में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। घायल व्यक्ति को देखकर दुल्हन का दर्द साफ झलक रहा है। दृश्य कोण और संगीत ने माहौल को और भी डरावना बना दिया है। यह दृश्य देखकर अगली कड़ी देखने की बेचैनी बढ़ गई है।

विलेन की एंट्री धमाकेदार

लाल शर्ट वाला शख्स जब चर्च में दाखिल हुआ तो सन्नाटा छा गया। उसकी आंखों में गुस्सा और चेहरे पर अजीब सी मुस्कान थी। दुल्हन से उसकी बहस देखकर लग रहा है कि दोनों के बीच कोई पुरानी दुश्मनी है। शेर की दुल्हन की कहानी में यह मोड़ बहुत गहरा है। हथियारों के साथ आए बदमाश देखकर लगता है कि अब बड़ा कुछ होने वाला है। अभिनय बहुत दमदार लगा।

भागते हुए मेहमान

शादी के जोड़े की जगह मेहमानों का भागना किसी रोमांचक चलचित्र से कम नहीं लग रहा। चीख पुकार और अफरा तफरी के बीच दुल्हन का वहीं रुक जाना उसकी हिम्मत दिखाता है। शेर की दुल्हन में डर और बहादुरी का यह मिश्रण बहुत अच्छा लगा। सूट वाला आदमी चुपचाप सब देख रहा था जो शक पैदा करता है। क्या वह भी इस साजिश में शामिल है? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है।

दुल्हन का गुस्सा

सफेद लिबास पर लाल खून के धब्बे किसी कलाकारी से कम नहीं हैं। दुल्हन ने जब उस शख्स को थप्पड़ मारा या गुस्से में देखा तो लगा कि अब वह चुप नहीं बैठेगी। शेर की दुल्हन में महिला किरदार को इतना मजबूत दिखाकर बहुत अच्छा किया है। रोने की जगह उसने लड़ने का रास्ता चुना है। संवाद और चेहरे के भाव देखने लायक हैं। बिल्कुल निराश नहीं किए इसने।

चर्च का खूनी खेल

पवित्र जगह पर इतनी हिंसा देखकर दिल दहल गया। रंगीन कांच की खिड़की से आती रोशनी और अंधेरे कोने का विरोधाभास बहुत गजब था। शेर की दुल्हन की छायांकन ने इस दृश्य को और भी नाटकीय बना दिया। जमीन पर पड़ा व्यक्ति शायद दुल्हन के लिए अहम था। उसकी मौत या चोट ने कहानी की दिशा बदल दी है। अब बदला लेने की बारी है।

शांत बैठे व्यक्ति का राज

भीड़ भाग रही थी पर एक व्यक्ति सूट में चुपचाप बैठा रहा। उसकी आंखों में डर नहीं बल्कि एक अलग ही चमक थी। शेर की दुल्हन में यह किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी लगा। क्या वह खलनायक का दोस्त है या दुल्हन का रक्षक? हर दृश्य में नए सवाल खड़े हो रहे हैं। कलाकार ने बिना बोले ही अपनी भूमिका निभा दी। ऐसे किरदार कहानी को आगे बढ़ाते हैं।

आंसू और खून का रिश्ता

दुल्हन की आंखों से आंसू गिर रहे थे पर हाथों में ताकत थी। उसने घायल व्यक्ति को सहारा देने की कोशिश की। शेर की दुल्हन में भावनात्मक दृश्यों को बहुत खूबसूरती से पिरोया गया है। जब वह खड़ी हुई तो उसके चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा था। यह बदलाव बहुत तेज और प्रभावशाली था। दर्शक के रूप में मैं इस कहानी का हिस्सा बन गया हूं।

एक्शन और ड्रामा का संगम

बंदूकें लेकर घुसने वाले और दुल्हन का सामना करना किसी रोमांचक कहानी से कम नहीं है। शेर की दुल्हन ने शादी के दृश्य को पूरी तरह बदल दिया। रोशनी और धुएं का इस्तेमाल माहौल को रहस्य से भर देता है। खलनायक की चाल और दुल्हन की जवाबी कार्रवाई देखने लायक है। हर दृश्य में कुछ न कुछ नया है जो बांधे रखता है।

कहानी में नया मोड़

शादी के मंडप से लेकर खूनी रास्ते तक का सफर बहुत तेज था। दुल्हन अब सिर्फ एक दुल्हन नहीं बल्कि एक योद्धा लग रही है। शेर की दुल्हन की पटकथा में यह मोड़ बहुत जरूरी था। सूट वाले शख्स का प्रवेश भी किसी बड़े खुलासे की तरफ इशारा करता है। अब देखना है कि आगे क्या होता है। इंतजार नहीं हो रहा अगले भाग का।

बेहतरीन विजुअल ट्रीट

रंगों का इस्तेमाल और कपड़ों की बारीकियां बहुत शानदार हैं। दुल्हन के गहने और खलनायक की वेशभूषा किरदारों को परिभाषित करती है। शेर की दुल्हन में निर्माण मूल्य बहुत उच्च स्तर के लगते हैं। चर्च का मंच नक्काशी असली लग रहा था। कलाकारों के भाव ने बिना संवाद के बात कह दी। यह ऑनलाइन श्रृंखला अपनी शैली में श्रेष्ठ है।