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शेर की दुल्हन

मीरा शर्मा एक मेडिकल स्टूडेंट है। उसके पिता डॉन शर्मा को दुश्मन विक्रांत सिन्हा मार देता है, और मीरा को उससे शादी करनी पड़ती है। विक्रांत बदला चाहता है, लेकिन मीरा की रक्षा भी करता है, और उसे पता चलता है कि मीरा के पिता बहुत बुरे इंसान थे। दोनों प्यार करने लगते हैं, लेकिन मीरा विक्रांत को बचाने के लिए अपनी बेटी संग चली जाती है। दस साल बाद वह लौटती है। अब सामने खड़ा विक्रांत क्या फैसला लेता है? क्या मीरा और नैना के लिए वह अपना सब कुछ दांव पर लगा देगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

बॉस का खतरनाक अंदाज

बॉस का अंदाज बहुत खतरनाक लग रहा है। उंगली बजाने वाला दृश्य तो अद्भुत है। शेर की दुल्हन में ऐसा किरदार पहले नहीं देखा। चेहरे के भाव बता रहे हैं कि वो कुछ छुपा रहा है। मुझे ये रहस्य बहुत पसंद आ रहा है। आगे क्या होगा ये जानने की बेचैनी बढ़ रही है।

मारिया का साहस

मारिया लोम्बार्डी की मेहनत देखकर अच्छा लगा। उसने बिना डरे नौकरी के लिए आवेदन किया। साधारण लड़की का इतना साहस देखकर हैरानी हुई। शेर की दुल्हन की कहानी में ये मोड़ बहुत जरूरी था। उसकी आंखों में सपने साफ दिख रहे हैं। उम्मीद है उसे ये काम मिल जाएगा।

दस्तावेज़ का रहस्य

जब बूढ़े आदमी ने दस्तावेज़ टेबल पर रखा तो माहौल बदल गया। बॉस की नजरें कागज पर जम गईं। ऐसा लगा जैसे कोई पुरानी याद ताजा हो गई हो। शेर की दुल्हन के इस दृश्य में तनाव बहुत अच्छे से दिखाया गया है। दर्शक के रूप में मैं भी उसी पल रुक गया था।

कार्यालय की शान

कार्यालय का माहौल बहुत अमीराना है। काले रंग का फर्नीचर और शांत कमरा ताकत दिखा रहा है। शेर की दुल्हन की निर्माण गुणवत्ता वास्तव में अच्छी है। हर दृश्य में एक अलग कहानी छुपी है। पोशाक का चयन भी बहुत लाजवाब है। देखने में बहुत सुकून मिलता है।

वफादार सहायक

सहायक का किरदार बहुत वफादार लग रहा है। वो बॉस की हर बात समझ जाता है। बिना बोले इशारों में बात हो रही है। शेर की दुल्हन में ऐसे सहायक किरदार कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उनका मेल देखने लायक है। मुझे ये संबंध बहुत पसंद आया।

इंटरव्यू का रोमांच

साक्षात्कार के लिए बुलाए जाने वाला पल बहुत रोमांचक था। मारिया के चेहरे पर हल्की घबराहट थी पर वो संभल गई। शेर की दुल्हन की इस कड़ी में रहस्य बना हुआ है। दरवाजा खुलते ही नई कहानी शुरू होगी। मैं अगले दृश्य का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।

पहनावे की झलक

कपड़ों का चयन बहुत शानदार है। नीली पोशाक में लड़की बहुत सुंदर लग रही थी। बॉस की पोशाक भी बहुत सटीक थी। शेर की दुल्हन में पहनावे पर भी खास ध्यान दिया गया है। ये छोटी चीजें किरदारों को असली बनाती हैं। दृश्य अनुभव मिल रहा है हर पल में।

आंखों की उदासी

बॉस की आंखों में एक अजीब सी उदासी है। वो सब कुछ होने के बाद भी अकेला लग रहा है। शेर की दुल्हन की कहानी शायद इसी दर्द के इर्द गिर्द घूमती है। कलाकार ने बिना संवाद के बहुत कुछ कह दिया। ऐसे अभिनय देखकर दाद देनी पड़ती है।

तेज कहानी

कंप्यूटर पर आवेदन करने से लेकर कार्यालय पहुंचने तक का सफर तेज है। कहानी में बोरियत नहीं है। शेर की दुल्हन ने शुरू से ही ध्यान खींच लिया है। लेखन बहुत मजबूत लग रही है। हर दृश्य के बाद कुछ नया खुलता है। ये कार्यक्रम बिल्कुल निराश नहीं करता।

अंत की ओर

अब जब वो कमरे में अंदर गई है तो क्या होगा?माहौल में बिजली सी दौड़ गई है। शेर की दुल्हन का परिणाम पास आ रहा होगा। दोनों के बीच की दूरी अब कम होने वाली है। ये मिलन बहुत धमाकेदार होने वाला है। मैं बस यही देखने के लिए रुका हूं।