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शेर की दुल्हन

मीरा शर्मा एक मेडिकल स्टूडेंट है। उसके पिता डॉन शर्मा को दुश्मन विक्रांत सिन्हा मार देता है, और मीरा को उससे शादी करनी पड़ती है। विक्रांत बदला चाहता है, लेकिन मीरा की रक्षा भी करता है, और उसे पता चलता है कि मीरा के पिता बहुत बुरे इंसान थे। दोनों प्यार करने लगते हैं, लेकिन मीरा विक्रांत को बचाने के लिए अपनी बेटी संग चली जाती है। दस साल बाद वह लौटती है। अब सामने खड़ा विक्रांत क्या फैसला लेता है? क्या मीरा और नैना के लिए वह अपना सब कुछ दांव पर लगा देगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

सुबह की शुरुआत में डर

सुबह की शुरुआत वफ़ल के साथ हुई पर माहौल बिल्कुल भी सुहावना नहीं था। लीसा की आँखों में एक अजीब सी चमक थी जो डरावनी लग रही थी। शेर की दुल्हन में ऐसे मोड़ आते हैं जो रोंगटे खड़े कर देते हैं। मालकिन की घबराहट साफ़ दिख रही थी जब उसने बिस्तर छोड़ा। यह नौकरानी नहीं किसी जासूस जैसी लग रही थी।

लाल चादरों का राज़

लाल चादरों वाला कमरा और सफेद पोशाक में वह युवती बिल्कुल फंसी हुई लग रही थी। लीसा ने जब नाश्ता परोसा तो लगा जैसे कोई जाल बिछा हो। शेर की दुल्हन की कहानी में यह नौकरानी किरदार बहुत रहस्यमयी है। उसकी मुस्कान के पीछे छिपा गुस्सा साफ़ झलक रहा था स्क्रीन पर।

कैदखाना या घर

क्या यह घर है या कोई कैदखाना? युवती की आँखों में सवाल थे पर लीसा के पास जवाब नहीं बस आदेश थे। शेर की दुल्हन का यह सीन बताता है कि रिश्ते कितने जटिल हो सकते हैं। नौकरानी का व्यवहार बिल्कुल मालिकों जैसा था जो हैरान करने वाला था।

नाश्ते में छिपा डर

वफ़ल देखकर भूख नहीं बस डर लग रहा था उस वक्त। लीसा की आवाज़ में जो कठोरता थी उसने माहौल को भारी कर दिया। शेर की दुल्हन में हर डायलॉग के पीछे एक छिपी कहानी है। युवती का रोना देखकर दिल पसीज गया पर लीसा पत्थर की मूरत बनी रही।

शाही सजावट और जहर

कपड़ों का रंग और कमरे की सजावट बहुत शाही थी पर बातचीत में जहर था। लीसा ने जब बांहें मोड़ लीं तो लगा अब बहस बढ़ने वाली है। शेर की दुल्हन का निर्माण इतना शानदार है कि हर फ्रेम कहानी कहता है। युवती की बेचैनी देखकर लगता है वह कुछ छिपा रही है।

चाय और युद्ध

सुबह की चाय और वफ़ल के बीच यह युद्ध क्यों हो रहा था? लीसा की हरकतें सामान्य नौकरानी जैसी नहीं थीं बिल्कुल। शेर की दुल्हन में ऐसे ट्विस्ट आते हैं जो सोचने पर मजबूर कर दें। युवती की घबराहट बढ़ती गई जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ी।

पुरानी दुश्मनी

लीसा की आँखों में जो गुस्सा था वह किसी पुरानी दुश्मनी की गवाही दे रहा था। युवती बिल्कुल असमंजस में थी कि उसे क्या करना चाहिए। शेर की दुल्हन का यह एपिसोड भावनाओं से भरपूर था। नौकरानी का रवैया देखकर लगता है असली मालिक वही है।

कड़वा सच

बिस्तर से उठते ही युवती को सामना करना पड़ा एक कड़वे सच से। लीसा की मुस्कान में छिपा व्यंग्य बहुत तेज था। शेर की दुल्हन में किरदारों के बीच की खींचतान बहुत अच्छे से दिखाई गई है। लाल चादरें खून जैसी लग रही थीं उस माहौल में।

इम्तिहान की घड़ी

यह नाश्ता नहीं बल्कि किसी इम्तिहान जैसा लग रहा था जो लीसा ले रही थी। युवती की आँखों से आंसू बहने लगे पर सामने वाली पसीजी नहीं। शेर की दुल्हन की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम साबित होने वाला है। नौकरानी का डर सब पर हावी था।

सन्नाटे की चीख

अंत में युवती चुप हो गई पर लीसा की जीत हुई लग रही थी। कमरे का सन्नाटा चीख रहा था इन दोनों के बीच। शेर की दुल्हन देखकर लगता है कि हर राज़ का एक कीमत चुकानी पड़ती है। लीसा का किरदार सबसे ज्यादा प्रभावशाली था इस सीन में।