सफेद कागज ने सब बदल दिया। वह गई, बर्फ़ गिरी की तरह अचानक सब ठंडा हो गया। दुल्हन की आंखों में दर्द और दूल्हे की आंखों में चमक देखकर हैरानी हुई।
इतनी शानदार जगह पर इतना बड़ा नाटक। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी कहानी लग रही थी। बैंगनी ड्रेस वाली महिला की चिंता साफ दिख रही थी।
दुल्हन के आंसू देखकर लग रहा था जैसे वह गई, बर्फ़ गिरी हो गई हो। सब कुछ इतना तेजी से बदल गया कि समझ नहीं आया क्या हुआ।
नीले सूट वाले आदमी की मुस्कान में कुछ छिपा था। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी स्थिति थी जहां सब कुछ उलट-पुलट हो गया।
यह शादी नहीं, नाटक लग रहा था। वह गई, बर्फ़ गिरी की तरह अचानक सब बदल गया। दुल्हन की आंखों में सवाल थे।