दादी का किरदार बहुत ही दमदार है। वह छड़ी टेकते हुए भी पूरे कमरे पर राज कर रही हैं। उनका गुस्सा सिर्फ क्रोध नहीं, बल्कि पोते के प्रति चिंता भी है। जब वह लड़के से बात करती हैं, तो उनकी आवाज में एक अजीब सी कंपन है। वह गई, बर्फ़ गिरी वाली स्थिति में भी वह परिवार को संभाले हुए हैं। उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर सख्ती देखकर लगता है कि वह सब कुछ जानती हैं।
लाल जोड़े में सजी दुल्हन की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। वह कुछ बोल नहीं रही, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ कह रही हैं। जब लड़का उसका हाथ पकड़ता है, तो उसकी उंगलियां कांप रही हैं। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी ठंडक उसके चेहरे पर साफ दिख रही है। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर मासूमियत देखकर लगता है कि वह इस स्थिति के लिए तैयार नहीं थी।
अस्पताल के बिस्तर पर लेटा लड़का वाकई बेबस लग रहा है। उसकी आंखों में दुल्हन के प्रति प्यार और दादी के प्रति डर साफ दिख रहा है। जब वह दुल्हन का चेहरा छूता है, तो उसकी उंगलियां कांप रही हैं। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी ठंडक उसके चेहरे पर भी महसूस हो रही है। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर दर्द देखकर लगता है कि वह सब कुछ सहन कर रहा है।
सूट पहने आदमी का किरदार बहुत ही रहस्यमयी है। वह चुपचाप खड़ा है, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ देख रही हैं। जब वह दरवाजे से बाहर जाता है, तो लगता है कि वह कुछ छुपा रहा है। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी ठंडक उसके चेहरे पर साफ दिख रही है। उसकी आंखों में चिंता और चेहरे पर सख्ती देखकर लगता है कि वह इस परिवार के लिए कुछ भी कर सकता है।
जब वह आदमी घुटनों के बल गिरता है, तो पूरा कमरा सन्न रह जाता है। उसकी आंखों में डर और चेहरे पर शर्मिंदगी साफ दिख रही है। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी ठंडक उसके चेहरे पर भी महसूस हो रही है। दुल्हन की आंखों में आंसू और चेहरे पर हैरानी देखकर लगता है कि वह इस स्थिति के लिए तैयार नहीं थी। यह दृश्य वाकई दिल को छू लेने वाला है।