काले पोशाक वाले की आँखों में गुस्सा साफ दिख रहा है। लगता है कोई बड़ी साजिश चल रही है। सफेद वस्त्र वाला शांत खड़ा है, पर उसकी चुप्पी सबसे खतरनाक है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय देखकर लगता है कि यह मुकाबला आसान नहीं होगा। हर किरदार की अपनी कहानी है और यह नाटक बहुत रोचक है।
नीले वस्त्र वाले युवक के चेहरे पर अजीब सी चमक है। शायद उसे अपनी शक्तियों का अहसास हो गया है। पीछे खड़े लोग बस तमाशबीन नहीं लग रहे। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। वेशभूषा की रचना भी कमाल की है और मंच भी।
आंगन का माहौल बहुत तनावपूर्ण है। सब एक दूसरे को घूर रहे हैं। फर वाली गर्दन वाला शख्स हैरान लग रहा है, जैसे कोई राज खुल गया हो। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय में ऐसे दृश्य देखकर मजा आता है। अभिनय बहुत स्वाभाविक लग रहा है और संवाद भी।
सिर पर ताज पहने हुए का प्रवेश प्रभावशाली है। उसकी बात सब ध्यान से सुन रहे हैं। लगता है वह इस गुट का मुखिया है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय की कथा बहुत गहरी है। हर दृश्य में कुछ नया छिपा है। देखने वाले को ध्यान देना पड़ता है।
मूछों वाले किरदार के भाव बहुत डरावने हैं। वह किसी को धमकी दे रहा हो सकता है। सामने वाला डरा नहीं है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय में ऐसे चरमोत्कर्ष बार बार देखने को मिलते हैं। संघर्ष के दृश्यों की उम्मीद बढ़ गई है बहुत ज्यादा।
सफेद पोशाक वाला शांत खड़ा है पर उसकी आँखें सब देख रही हैं। शायद वह सबसे ताकतवर है। पीछे का मंच सज्जा बहुत असली लगता है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय की वजह से मैं इस शैली को फिर से देख रहा हूँ। बहुत पसंद आ रहा है यह श्रृंखला।
सबके कपड़ों में बारीक कढ़ाई है। यह दिखाता है कि निर्माण पर मेहनत हुई है। नीले वाले के हाथ में कुछ नहीं है पर वह तैयार है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय की कहानी बहुत मजबूत है। हर कड़ी में नया मोड़ आता है देखने को।
माथे पर पट्टी वाला शख्स मुस्कुरा रहा है। शायद उसे कुछ पता है जो बाकी को नहीं। यह रहस्य बहुत अच्छा है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय देखते वक्त समय का पता नहीं चलता। बस देखते रहना चाहता हूँ लगातार। बहुत मजा आ रहा है।
सब लोग एक घेरे में खड़े हैं। यह किसी द्वंद्व की तैयारी लग रही है। हवा में तनाव साफ महसूस हो रहा है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय की वजह से शाम का मजा दोगुना हो गया। दोस्तों को भी बताना चाहता हूँ इस बारे में। कहानी बहुत अच्छी है।
आखिरी दृश्य में सबकी स्थिति बदल गई है। लगता है बातचीत खत्म हो गई है। अब संघर्ष शुरू होगा। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय का यह सत्र सबसे उत्तम है। काश ऐसे और भी श्रृंखला मिलते। बहुत आनंद कर रहा हूँ मैं।