शुरुआत का दृश्य बहुत ही रहस्यमयी और तीव्र था। वह व्यक्ति इतनी घबराहट में क्यों भाग रहा था? सूरज की रोशनी में उसकी परेशानी साफ दिख रही थी। मेरे पापा, देश के हीरो कहानी में ऐसे ही मोड़ आते हैं जो दर्शक को बांधे रखते हैं। एनिमेशन की क्वालिटी देखते ही बनती है। हर फ्रेम में एक अलग ही ऊर्जा है जो आपको अगले सीन के लिए उत्सुक कर देती है और कहानी में गहराई जोड़ती है।
विशाल रोबोट को देखकर मैं दंग रह गया और हैरान भी हुआ। उसकी बनावट इतनी वास्तविक लग रही थी जैसे सामने खड़ा हो। जब फायरफाइटर ने उसे देखा तो उसके चेहरे का भाव लाजवाब था। विज्ञान कथा प्रेमियों के लिए यह एक बेहतरीन नमूना है। तकनीकी विवरणों पर बहुत ध्यान दिया गया है जो कहानी को गहराई देता है और दर्शकों को बांधे रखता है।
महिला अधिकारी की आंखों में एक अजीब सी चमक और दृढ़ता थी। वह सीढ़ी चढ़ते हुए डरी नहीं लग रही थीं बल्कि तैयार लग रही थीं। उनकी वर्दी और अनुशासन सम्माननीय है। मेरे पापा, देश के हीरो में पात्रों को इस तरह दिखाना आसान नहीं होता। उनकी दृढ़ता आपको प्रेरित करती है कि कैसे मुश्किलों का सामना करना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए।
कॉकपिट में रोती हुई छोटी बच्ची ने दिल तोड़ दिया और रुला दिया। वह इतनी छोटी उम्र में वहां क्यों थी? इस रहस्य ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया। भावनात्मक पक्ष बहुत मजबूत है। सिर्फ एक्शन नहीं बल्कि दिल को छूने वाले पल भी हैं। यह शो अप्रत्याशित रूप से भावुक हो जाता है और दर्शकों के दिल के करीब उतर जाता है।
बूढ़े जनरल के चेहरे पर सख्ती थी पर आंखों में कुछ और था। वह कागजात देखकर क्या सोच रहे थे? उनके और महिला अधिकारी के बीच की तनावपूर्ण चुप्पी बहुत कुछ कह जाती है। राजनीति नहीं बल्कि रिश्तों की जंग दिख रही है। संवाद कम पर असरदार हैं। यह पात्रों के बीच के समीकरण को बहुत बारीकी से दिखाता है।