उस युवा पायलट की आँखों में जो आग है, वो किसी जंग से कम नहीं लगती। मीटिंग रूम में सब गंभीर हैं, पर वो बेफिक्र बैठा है। मेरे पापा, देश के हीरो देखकर लगा कि पीढ़ियों का जुनून कैसे कनेक्ट होता है। एनिमेशन क्वालिटी भी कमाल की है, हर डिटेल पर ध्यान गया है। होलोग्राफिक प्लेन देखकर हैरानी हुई।
सफेद बालों वाले ऑफिसर की डांट में भी एक अलग ही वजन है। जब वो मैप की तरफ इशारा करते हैं, तो लगता है पूरी दुनिया की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। इस शो मेरे पापा, देश के हीरो में ऐसे सीन दिल को छू लेते हैं। वर्दी की सज्जावट और मेडल भी बहुत वास्तविक लग रहे थे। सख्त मिजाज भी प्यारे लगते हैं।
हॉलवे में वो मुलाकात बहुत इमोशनल थी। बूढ़े जनरल ने जब कंधे पर हाथ रखा, तो बिना डायलॉग के सब समझ आ गया। मेरे पापा, देश के हीरो की कहानी में ये रिश्ते ही जान हैं। कॉरिडोर की लाइटिंग और फ्रेम्स बहुत सिनेमैटिक थे। देखने वाला हर पल बंधा रहता है। दोस्ती की मिसाल है।
टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कहानी में बहुत स्मार्ट तरीके से हुआ है। हवा में तैरते हुए जेट इंजन का मॉडल देखकर रोमांच हो गया। मेरे पापा, देश के हीरो में ऐसे विजुअल्स बार-बार देखने को मिलते हैं। किरदारों के चेहरे के भाव भी बहुत गहरे हैं, खासकर जब वो गुस्से में होते हैं। विजुअल इफेक्ट्स शानदार हैं।
मीटिंग टेबल पर बैठे सभी अधिकारियों के चेहरे पर अलग-अलग भाव थे। कोई चिंतित था, तो कोई गुस्से में। मेरे पापा, देश के हीरो ने इस तनाव को बहुत खूबसूरती से पकड़ा है। झंडे और वर्दी के रंग भी आँखों को चुभते हैं। ये सिर्फ कार्रवाई नहीं, इमोशन भी है। हर सीन में जान है।