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मेरा जलवा

कावेरी ने अभिषेक को चोरी-छुपे संसाधन देकर बड़ा बनाया। उसने धोखा दिया, दूसरी को अपनी जगह बिठाकर कावेरी को निकाला। कावेरी ने उसका भंडाफोड़ किया, उसे बदनाम किया, फिर खुद बड़ी बन गई। अभिषेक पछताया, पर उसकी चाल पकड़ी गई। अब वह अकेला और बर्बाद है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

लाल सूट वाले की चुप्पी सब कुछ कह गई

उसने एक शब्द नहीं कहा, पर उसकी आंखों में जो दर्द था, वो चीख रहा था। जब सामने वाली औरत बोल रही थी, तो उसका चेहरा पत्थर सा हो गया। मेरा जलवा में ऐसे पल ही तो जादू करते हैं, जहां डायलॉग नहीं, सिर्फ एक्सप्रेशन बोलते हैं।

क्रिस्टल गाउन वाली की मुस्कान में जहर

वो मुस्कुरा रही थी, पर उसकी आवाज़ में ठंडक थी। हर शब्द जैसे किसी को नीचे गिराने के लिए डिज़ाइन किया गया हो। मेरा जलवा में ऐसे किरदार ही तो कहानी को आगे बढ़ाते हैं, जो मुस्कान के पीछे छुरी छुपा लेते हैं।

ब्लैक सूट वाला शांत, पर खतरनाक

वो बीच में खड़ा था, न बोल रहा था, न हिल रहा था। पर उसकी मौजूदगी ही सबके ऊपर हावी थी। मेरा जलवा में ऐसे किरदार ही तो असली पावर प्लेयर होते हैं, जो चुपचाप सब कुछ कंट्रोल कर लेते हैं।

ऑडियंस के चेहरे भी कहानी कह रहे थे

कैमरा जब भी भीड़ पर जाता, हर चेहरे पर अलग-अलग भाव थे — कोई हैरान, कोई गुस्से में, कोई मज़े ले रहा था। मेरा जलवा में ऐसे डिटेल्स ही तो शो को असली बनाते हैं, जहां हर एक्स्ट्रा भी किरदार लगता है।

स्टेज पर खड़ी तीन औरतें, तीन दुनिया

एक चमकदार, एक नर्म, एक गुस्से में — तीनों के लुक और एक्सप्रेशन अलग-अलग कहानियां बता रहे थे। मेरा जलवा में ऐसे कॉन्ट्रास्ट ही तो ड्रामा को बढ़ाते हैं, जहां हर किरदार अपनी जगह सही लगता है।

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