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प्रतिशोध की डोरवां17एपिसोड

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प्रतिशोध की डोर

लोहित राजवंश की बेटी आधुनिक युग में सौतेली माँ द्वारा निर्वासित 'मीनाक्षी चतुर्वेदी' के रूप में पुनर्जन्म लेती है। दो वर्ष पश्चात् स्वार्थी चतुर्वेदी परिवार उसे विवाह के लिए बुलाता है। अब JS — विश्व प्रसिद्ध कढ़ाई कलाकार बन चुकी मीनाक्षी 'चतुर्वेदी समूह' पर अधिकार पाने के लिए मायाजाल रचती है। प्रतिशोध के इस समर में 'जितेश बंसल' का निश्छल प्रेम उसके अंतर्मन को जीत लेता है। अंततः मीनाक्षी प्रतिशोध संग अपना सच्चा प्रेम भी पा लेती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तलाकनामा की शुरुआत

वीडियो की शुरुआत में ही तनाव का माहौल बन जाता है जब वह लाल लिफाफा सामने आता है। महिला के चेहरे पर उदासी और पुरुष की गंभीरता देखकर लगता है कि यह कोई साधारण ब्रेकअप नहीं है। प्रतिशोध की डोर में दिखाए गए इस दृश्य में भावनाओं की गहराई बहुत अच्छे से दिखाई गई है, जो दर्शकों को तुरंत कहानी से जोड़ लेती है।

काले सूट वाला रहस्य

जैसे ही काले सूट वाला पुरुष प्रवेश करता है, पूरी कहानी का रंग बदल जाता है। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक और चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान है जो बताती है कि वह सिर्फ एक मेहमान नहीं है। उसका आना और फिर उस कार्ड को दिखाना सब कुछ बदल देता है। यह मोड़ बहुत ही रोमांचक था और आगे की कहानी के लिए उत्सुकता बढ़ा देता है।

गुलाबी पोशाक का जादू

गुलाबी पोशाक पहनी महिला का प्रवेश किसी परी की तरह लगता है। उसकी सादगी और चेहरे की मासूमियत बाकी सभी के गंभीर चेहरों के बीच एक ताजी हवा जैसी है। जब वह कार में बैठती है और मुस्कुराती है, तो लगता है कि वह किसी बड़ी योजना का हिस्सा है। उसकी खामोशी भी बहुत कुछ कह जाती है और दर्शक उसके किरदार को लेकर हैरान रह जाते हैं।

परिवार की सभा

लिविंग रूम का दृश्य बहुत ही तीव्र है। बुजुर्ग दंपति और युवा महिला का गुस्सा साफ दिखाई देता है। वे जिस तरह से गुलाबी पोशाक वाली महिला को घूर रहे हैं, उससे लगता है कि कोई बड़ा संघर्ष होने वाला है। बुजुर्ग पुरुष का गुस्से में उंगली उठाना और महिलाओं की नाराजगी इस दृश्य को बहुत ही ड्रामेटिक बना देती है। यह क्लासिक फैमिली ड्रामा का बेहतरीन उदाहरण है।

ब्लैक यूनीक कार्ड का राज

वह काला कार्ड जिस पर ब्लैक यूनीक लिखा है, यह कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट लगता है। यह कार्ड सिर्फ पैसे का नहीं, बल्कि ताकत और अधिकार का प्रतीक है। जब वह पुरुष इसे दिखाता है, तो उसकी आंखों में एक अलग ही आत्मविश्वास दिखाई देता है। यह छोटी सी चीज पूरी कहानी की दिशा बदल सकती है और दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि आखिर यह कार्ड किसके पास था।

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