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पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबलीवां35एपिसोड

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पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबली

पिछले जन्म में नायक युद्ध की दुनिया की किंवदंती था। साजिश का शिकार होकर उसकी मौत हो गई। उसने नौ दिव्य कलाओं के दम पर पुनर्जन्म लिया और एक दामाद बन गया। उसके पालक माता-पिता मारे गए और बहन का अपहरण कर लिया गया। अब नायक बदला लेने की कसम खा चुका है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

दर्द भरी आंखें

लाल पोशाक वाली की आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। उसने चाकू दिया पर उसका इरादा चोट पहुंचाने का नहीं था। इस दृश्य ने मेरा दिल तोड़ दिया। पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबली में ऐसे भावनात्मक पल बहुत हैं। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव बहुत ही रोमांचक रहा है। हर पल नया मोड़ लेता है।

खुद को वारना

काली टीशर्ट वाले नायक ने बिना झिझक के खुद को चोट पहुंचा ली। उसके चेहरे पर दर्द नहीं बल्कि एक अजीब शांति थी। यह त्याग देखकर रोंगटे खड़े हो गए। पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबली की कहानी में यह सबसे महत्वपूर्ण मोड़ है। ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मन करता है।

बुजुर्गों का सन्नाटा

बुजुर्गों की मेज पर सन्नाटा छा गया था जब यह सब हुआ। उनकी आंखों में हैरानी और डर दोनों थे। लगता है कबीले में कुछ बड़ा होने वाला है। पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबली की पटकथा बहुत गहरी है। हर पात्र की अपनी एक कहानी है जो धीरे धीरे खुल रही है।

बगीचे का रहस्य

बगीचे में मछली पकड़ने वाले व्यक्ति और घायल नायक का मिलन बहुत रहस्यमयी था। क्या यह कोई पूर्वजन्म का कर्म है। पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबली का शीर्षक अब सार्थक लगने लगा है। दृश्य बहुत सुंदर थे पर बातचीत में गंभीरता थी। मुझे यह कॉन्ट्रास्ट बहुत पसंद आया।

खतरनाक मुस्कान

सूट पहने हुए व्यक्ति की मुस्कान में कुछ खतरनाक था। लगता है असली विलेन वही है जो सबके सामने हंस रहा है। पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबली में विलेन की एंट्री धमाकेदार है। मुझे ऐसे खलनायक पसंद हैं जो सीधे सामने आते हैं। कहानी में जान पड़ गई है।

साधु का संदेश

साधु वेश में बैठे व्यक्ति ने जो कहा उसका असर सब पर हुआ। लगता है उसे सब कुछ पहले से पता था। पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबली में ऐसे रहस्यमयी पात्र कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उनका संवाद बहुत भारी और अर्थपूर्ण था। मुझे उनके किरदार के बारे में और जानना है।

चाकू वाला पल

चाकू वाली ट्रे देखकर ही तनाव बढ़ गया था। जब उसने खुद को वार किया तो सांस रुक गई। खून बहता देख बहुत बुरा लगा। पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबली में ऐसे सीन दिल पर चोट करते हैं। एक्टिंग इतनी असली लगी कि मैं भी रो पड़ी। बहुत ही शानदार प्रदर्शन था।

रंगों का खेल

लाल और काले रंग का कॉम्बिनेशन स्क्रीन पर बहुत जच रहा था। विजुअल्स इतने अच्छे हैं कि हर फ्रेम को सेव कर लूं। पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबली की सिनेमेटोग्राफी बहुत लेवल की है। रोशनी और छाया का खेल कमाल का था। देखने में बहुत मजा आ रहा है।

अकेले चलना

घायल होकर भी वह अकेले चलता गया। उसकी पीठ पर जो घाव था वह उसकी ताकत बन गया। पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबली का नायक बहुत मजबूत इरादों वाला है। उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह दृश्य प्रेरणादायक भी था और दुखद भी। बहुत यादगार पल है।

सस्पेंस भरी कहानी

पूरी क्लिप में एक अजीब सा सस्पेंस बना रहा। आगे क्या होगा यह जानने की बेचैनी बढ़ गई। पुनर्जन्म: मैं ही हूँ महाबली का अगला एपिसोड कब आएगा। नेटशॉर्ट ऐप पर सीरीज देखना बहुत सुविधाजनक है। कहानी में दम है और जोश भी। सबको देखना चाहिए।