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पिता का बड़ा खेलवां51एपिसोड

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पिता का बड़ा खेल

अर्जुन राठौड़ बाहर से लापरवाह जुआरी दिखता है, पर असल में महान योद्धा है। ससुर देवेन उसे तुच्छ समझकर सिया राठौड़ से अलग कर देता है। वर्षों तक छिपकर साधना करने के बाद, अर्जुन सही समय पर लौटता है। जब विकास सबको हराकर संप्रदाय को चुनौती देता है, तब अर्जुन अपनी शक्ति दिखाकर उसे पराजित करता है और सम्मानपूर्वक अपने परिवार को फिर से एक करता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तनाव से भरा दृश्य

इस दृश्य में तनाव इतना अधिक है कि सांस रुक जाती है। काले वस्त्रों वाले योद्धा की शक्ति देखकर डर लग रहा है। लाल पोशाक वाली को चोट लगना दिल को छू गया। पिता का बड़ा खेल में ऐसे मोड़ बारिश की तरह आते हैं। एक्टिंग बहुत प्राकृतिक लगती है। माहौल में जो गंभीरता है वह लाजवाब है।

खामोश दर्द

सफेद पोशाक वाली की आंखों में दर्द साफ दिख रहा है। वह कुछ बोल नहीं पा रही लेकिन उसका चेहरा सब कह रहा है। जादुई प्रभाव बहुत अच्छे लगते हैं। इस मंच पर देखने का अनुभव शानदार है। कहानी आगे क्या होगी यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। संगीत भी बहुत सही जगह पर बजा।

ऊर्जा का विस्फोट

जब ऊर्जा की चमक दिखाई दी तो मैं चौंक गया। लाल वस्त्र वाली का गिरना बहुत दर्दनाक लगा। काले कपड़े वाले का चेहरा भावनाओं से रहित था। पिता का बड़ा खेल की कहानी में गहराई है। हर किरदार अपनी भूमिका निभा रहा है बखूबी। सेट डिजाइन भी बहुत प्राचीन लग रहा है।

सैनिकों की बेबसी

सैनिकों की चिंता भी साफ झलक रही है इस सीन में। कोई भी कुछ नहीं कर पा रहा है उस शक्ति के आगे। यह संघर्ष बहुत तीव्र लग रहा है स्क्रीन पर। मुझे यह शैली बहुत पसंद आ रही है। ध्वनि प्रभाव भी बहुत अच्छे हैं। कैमरा एंगल भी बहुत सटीक है।

सवाल और रहस्य

लाल पोशाक वाली के चेहरे पर दर्द देखकर बुरा लगा। क्या वह दोषी है या बेगुनाह। काले वस्त्रों वाले ने ऐसा क्यों किया। पिता का बड़ा खेल में हर सवाल का जवाब नहीं मिलता। रहस्य बना हुआ है अंत तक। दर्शक को बांधे रखने की कला बहुत अच्छी है।

रंगों का खेल

सफेद वस्त्र वाली की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। वह बीच में क्यों नहीं आई। क्या उसे भी डर लग रहा है। दृश्य की रोशनी बहुत सुंदर है। कॉस्ट्यूम डिजाइन भी लाजवाब है। रंगों का संयोजन आंखों को सुकून देता है।

जादुई प्रभाव

जादुई हमले का दृश्य बहुत ही शानदार बनाया गया है। लाल चमक और धुएं का असली अहसास होता है। काले कपड़े वाले की पकड़ मजबूत है। पिता का बड़ा खेल देखने में मजा आ रहा है। हर एपिसोड नया सस्पेंस लेकर आता है। दृश्य गुणवत्ता भी उच्च स्तर की है।

भावनाओं की गहराई

लाल वस्त्र वाली को सहारा देते हुए सैनिकों को देखकर लगा कि वे बेचारे हैं। वे कुछ नहीं कर सकते। शक्तिशाली योद्धा के आगे सब फीके हैं। भावनाओं का खेल बहुत गहरा है। मुझे यह ड्रामा बहुत पसंद आ रहा है। संवाद भी बहुत भारी भरकम हैं।

अगले भाग का इंतजार

काले वस्त्रों वाले की आंखों में कुछ अलग ही था। क्या वह खुश नहीं है यह सब करके। लाल पोशाक वाली की चीख सुनाई नहीं दी पर महसूस हुई। पिता का बड़ा खेल की कहानी बहुत पेचीदा है। मैं अगला भाग देखने का इंतजार कर रहा हूं। प्लॉट बहुत मजबूत है।

बेहतरीन प्रस्तुति

इस मंच पर दृश्य की गुणवत्ता बहुत अच्छी है। कहानी का प्रवाह बहुत तेज है। कोई बोरियत नहीं होती है। सफेद पोशाक वाली का दुखी चेहरा याद रह जाएगा। लाल वस्त्र वाली की हिम्मत भी काबिले तारीफ है। कुल मिलाकर एक बेहतरीन प्रस्तुति है।