एक्शन सीन बहुत शानदार था। जब हीरो ने बिना किसी डर के दुश्मनों का सामना किया, तो रोंगटे खड़े हो गए। पिता का बड़ा खेल में ऐसे डायलॉगबाजी कम और एक्शन ज्यादा होना चाहिए। विलेन की हार देखकर सुकून मिला। हीरो की एंट्री धमाकेदार थी और उसने एक ही वार में सबको हरा दिया। यह दृश्य फिल्म का सबसे बेहतरीन हिस्सा साबित हुआ। दर्शकों को यह पल बहुत पसंद आएगा और बार बार देखेंगे। निर्देशक ने एक्शन को बहुत अच्छे से कोरियोग्राफ किया है।
नायिका की आंखों में डर साफ दिखाई दे रहा था। जब हीरो ने उसका हाथ थामा, तो लगा जैसे समय थम गया हो। पिता का बड़ा खेल की कहानी में यह रोमांस वाला पल बहुत खास है। सफेद पोशाक में वह किसी अप्सरा जैसी लग रही थी। उनकी केमिस्ट्री देखकर दिल खुश हो गया। ऐसे पल बार बार देखने को मिलने चाहिए। यह जोड़ी स्क्रीन पर बहुत जचती है। भावनाओं का प्रवाह बहुत सुंदर है।
चीते की खाल वाला विलेन बहुत घमंडी लग रहा था। उसे अपनी ताकत पर बहुत नाज था। लेकिन पिता का बड़ा खेल में हमेशा अच्छाई की जीत होती है। हीरो ने बिना ज्यादा मेहनत किए उसे जमीन पर गिरा दिया। यह दृश्य दर्शकों को बहुत पसंद आएगा। एक्शन और ड्रामा का सही संतुलन बना हुआ है। विलेन का अंत बहुत ही शानदार तरीके से दिखाया गया है। न्याय की जीत हुई है।
जंगल का माहौल बहुत रहस्यमयी बनाया गया है। पेड़ों के पीछे छिपकर विलेन हमला कर रहा था। पिता का बड़ा खेल की सिनेमेटोग्राफी बहुत सुंदर है। हरे भरे पेड़ और प्राकृतिक रोशनी ने दृश्य को और भी खूबसूरत बना दिया। ऐसे लोकेशन पर शूटिंग करना आसान नहीं होता। टीम की मेहनत साफ झलकती है। हर फ्रेम एक तस्वीर जैसा लग रहा है। प्रकृति का सुंदर उपयोग हुआ है।
हीरो के माथे पर पटी हुई पट्टी उसे बहुत रूबाबदार बना रही है। उसकी आंखों में गुस्सा और ठंडक दोनों थी। पिता का बड़ा खेल में किरदारों की डिजाइनिंग बहुत अच्छी है। उसने जब तलवार निकाली तो पता चल गया कि अब खेल बदलने वाला है। उसकी एक्टिंग ने सबका ध्यान खींच लिया। उसका लुक बहुत ही यूनिक और स्टाइलिश है। किरदार की गहराई दिखाई दी।
कहानी में ट्विस्ट बहुत तेजी से आते हैं। पहले लगा नायिका फंस गई है, फिर हीरो की एंट्री हुई। पिता का बड़ा खेल की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत है। दर्शक हर पल यह सोचते रहते हैं कि आगे क्या होगा। सस्पेंस बनाए रखना आसान नहीं है। इस एपिसोड ने सबको हैरान कर दिया। कहानी की रफ्तार बहुत तेज और रोमांचक है। प्लॉट बहुत मजबूत है।
नायिका के गहने और बालों की सजावट बहुत निखार ला रहे हैं। सफेद कपड़े पर सुनहरी कढ़ाई बहुत बारीक है। पिता का बड़ा खेल में कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने कमाल कर दिया है। हर किरदार की पोशाक उसके स्वभाव को दर्शाती है। विलेन के कपड़े भी बहुत अलग और डरावने थे। विजुअल ट्रीट मिल रहा है। कलाकारों की मेहनत साफ दिख रही है। डिजाइन बहुत शानदार है।
जब विलेन ने तलवार से हमला किया, तो सांसें रुक गई थीं। लेकिन हीरो की फुर्ती देखकर दांतों तले उंगली दब गई। पिता का बड़ा खेल में एक्शन कोरियोग्राफी बहुत बेहतरीन है। कोई भी मूव नकली नहीं लगता। सब कुछ बहुत रियल और दमदार लग रहा है। यह सीन बार बार देखने लायक है। फाइट सीन बहुत ही शानदार तरीके से फिल्माया गया है। एक्शन जबरदस्त है।
हीरो और नायिका के बीच की चुप्पी बहुत कुछ कह रही थी। जब उसने उसे उठने के लिए हाथ बढ़ाया, तो भावनाएं उमड़ पड़ीं। पिता का बड़ा खेल में ऐसे इमोशनल पल बहुत गहराई से दिखाए गए हैं। बिना डायलॉग के ही सब कुछ समझ आ गया। यह असली एक्टिंग होती है। दिल को छू लेने वाला दृश्य है। यह पल हमेशा याद रहेगा। रोमांस बहुत प्यारा है।
अंत में हीरो की नजरों में एक अलग ही चमक थी। उसने नायिका को सुरक्षित देखकर राहत की सांस ली। पिता का बड़ा खेल का यह एपिसोड बहुत यादगार बन गया है। आगे की कहानी क्या होगी, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। जल्दी से अगला पार्ट आना चाहिए। फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह सीरीज बहुत आगे जाएगी। क्लिफहैंगर बहुत अच्छा है।