सरिता का प्रवेश बहुत ही नाटकीय था। उसकी पोशाक, गहने और चेहरे की अभिव्यक्ति सब कुछ बता रहे थे कि वह कोई साधारण महिला नहीं है। नकली बीवी, असली राजकुमार में उसका किरदार बहुत ही रहस्यमयी लग रहा है। जब वह राजकुमार के सामने झुकती है, तो लगता है कि वह कुछ छिपा रही है। उसकी आँखों में डर और दृढ़ता दोनों झलक रहे थे।
अनु, सरिता का बेटा, इस दृश्य में बहुत ही मासूम लग रहा था। उसकी आँखों में उत्सुकता और थोड़ा सा डर था। नकली बीवी, असली राजकुमार में उसका किरदार भविष्य में बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जब वह अपनी माँ के पास खड़ा होता है, तो लगता है कि वह इस पूरे नाटक का एक अहम हिस्सा बनने वाला है। उसकी मौजूदगी से कहानी में एक नया मोड़ आ सकता है।
इस दृश्य का वातावरण बहुत ही तनावपूर्ण था। मोमबत्तियों की रोशनी, भारी पर्दे और सजावट सब कुछ एक गंभीर माहौल बना रहे थे। नकली बीवी, असली राजकुमार में यह दृश्य दर्शकों को उस समय के दरबार की झलक दिखाता है। जब सरिता और अनु प्रवेश करते हैं, तो पूरे कमरे में एक अजीब सी खामोशी छा जाती है। यह खामोशी तनाव को और भी बढ़ा देती है।
राजकुमार और सरिता के बीच की रसायन बहुत ही दिलचस्प थी। जब वे एक-दूसरे को देखते हैं, तो लगता है कि उनके बीच कुछ अनकहा है। नकली बीवी, असली राजकुमार में यह दृश्य उनके रिश्ते की गहराई को दर्शाता है। राजकुमार की आँखों में सरिता के प्रति एक अजीब सी भावना थी, जो शायद डर, आशा या फिर किसी पुरानी याद से जुड़ी हो सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है।
इस दृश्य में वस्त्र और आभूषणों का विवरण बहुत ही शानदार था। राजकुमार का नीला वस्त्र और सरिता का गुलाबी वस्त्र दोनों ही बहुत ही सुंदर थे। नकली बीवी, असली राजकुमार में इन वस्त्रों ने पात्रों की स्थिति और व्यक्तित्व को बहुत अच्छे से दर्शाया था। सरिता के गहने और हेयरस्टाइल उसकी उच्च स्थिति को दर्शाते थे। यह विवरण दर्शकों को उस समय की संस्कृति और फैशन की झलक देता है।