जब वह छोटी सी अंगूठी से विशाल सोने का अजगर निकला, तो पूरा दरबार सन्न रह गया। यह दृश्य नकली बीवी, असली राजकुमार का सबसे जादुई पल है। बच्चे की मासूमियत और राजकुमार का आत्मविश्वास देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सेनापति का घबराया हुआ चेहरा और रानियों की हैरानी ने इस दृश्य को और भी रोमांचक बना दिया है। वीएफएक्स इतने शानदार हैं कि लगता है अजगर सचमुच कमरे में उड़ रहा हो।
खून की एक बूंद ने सब कुछ बदल दिया। जब युवराज ने अपनी उंगली काटी और मुद्रा पर खून गिराया, तो लगा जैसे इतिहास गवाह बन रहा हो। नकली बीवी, असली राजकुमार में यह साबित करता है कि असली ताकत हथियारों में नहीं, बल्कि खून में होती है। सेनापति की निगाहें झुक गईं और मंत्रियों के सिर शर्म से झुक गए। यह दृश्य सत्ता के असली स्रोत को बखूबी दर्शाता है।
शुरुआत में सेनापति का घमंड देखकर गुस्सा आता था, लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो उसका चेहरा देखने लायक था। नकली बीवी, असली राजकुमार के इस एपिसोड में उसकी हार सिर्फ युद्ध की नहीं, बल्कि अहंकार की भी है। उसकी आंखों में अब डर और सम्मान दोनों हैं। राजकुमार ने बिना तलवार उठाए उसे हरा दिया, जो कि सबसे बड़ी जीत है। यह पात्र विकास दर्शकों को बांधे रखता है।
सफेद बालों वाली रानी मां का किरदार हमेशा रहस्यमयी रहा है। इस बार जब अजगर निकला, तो उनकी आंखों में पहली बार आश्चर्य और शायद थोड़ी राहत दिखी। नकली बीवी, असली राजकुमार में उनका रवैया सबसे ज्यादा बदलता हुआ लगता है। वे सिर्फ एक शासक नहीं, बल्कि एक दादी भी हैं जो अपने वंश की सुरक्षा चाहती हैं। उनका हर इशारा कहानी को आगे बढ़ाता है और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करता है।
इतने छोटे बच्चे ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे संभाली, यह देखकर हैरानी होती है। जब उसने खून की बूंद गिराई, तो उसकी आंखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सा विश्वास था। नकली बीवी, असली राजकुमार में यह बच्चा भविष्य की उम्मीद बनकर उभरा है। उसकी पोशाक और गहने राजसी हैं, लेकिन उसका व्यवहार एक साधारण बच्चे जैसा मासूम है। यह विरोधाभास उसे और भी प्यारा बनाता है।