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नकली बीवी, असली राजकुमारवां4एपिसोड

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नकली बीवी, असली राजकुमार

सीता को घर वालों ने सताया। भागते वक्त उसकी मुलाकात युवराज राघव से हुई। उस रात रोहन पैदा हुआ। छह साल बाद राघव ने सीता और रोहन को बचाया और महल ले गया – नकली बीवी-बेटा बनाकर। राघव के चाचा ने रोहन को झूठा साबित करने की कोशिश की। खून और राजमुद्रा की परख हुई – दोनों सच निकले। राघव को लगा छह साल पहले वह औरत कोई और थी, पर वह सीता ही थी। आखिर में तीनों मिल गए।
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इस एपिसोड की समीक्षा

राजकुमार का नरम पक्ष

नकली बीवी, असली राजकुमार में राजकुमार का व्यवहार देखकर हैरानी हुई। वह सख्त लगते हैं, लेकिन बच्चे के सामने बिल्कुल नरम पड़ जाते हैं। उनकी आँखों में चिंता और प्यार साफ झलक रहा था। जब उन्होंने बच्चे के गाल को सहलाया, तो लगा जैसे वह अपने बच्चे को संभाल रहे हों। यह बदलाव बहुत खूबसूरत था।

औरत की चुप्पी में दर्द

नकली बीवी, असली राजकुमार में औरत का चेहरा देखकर लगा जैसे वह कुछ छिपा रही हो। उसकी आँखों में डर और उम्मीद दोनों थे। वह कुछ कहना चाहती थी, लेकिन चुप रही। जब राजकुमार ने बच्चे को गोद में लिया, तो उसकी आँखों में राहत दिखी। यह चुप्पी सबसे ज्यादा बोलती है।

बच्चे का भरोसा जीतना

नकली बीवी, असली राजकुमार में बच्चे का राजकुमार पर भरोसा करना बहुत प्यारा लगा। पहले वह डरा हुआ था, लेकिन फिर मुस्कुराने लगा। जब राजकुमार ने उसे गोद में उठाया, तो बच्चे ने उन्हें गले लगा लिया। यह भरोसा इतना स्वाभाविक था कि लगा जैसे वे पहले से जानते हों। बच्चे की अदाकारी ने सबको मोह लिया।

राजकुमार की आँखों में चिंता

नकली बीवी, असली राजकुमार में राजकुमार की आँखों में चिंता साफ दिख रही थी। वह बच्चे को देखकर कुछ सोच रहे थे। उनकी आवाज में नरमी और चेहरे पर गंभीरता थी। जब उन्होंने बच्चे के गाल को सहलाया, तो लगा जैसे वह उसे ढाढस बंधा रहे हों। यह चिंता उनके चरित्र को गहराई देती है।

औरत का संघर्ष

नकली बीवी, असली राजकुमार में औरत के कपड़े फटे हुए थे, लेकिन उसकी आँखों में हिम्मत थी। वह बच्चे को संभाल रही थी और राजकुमार से बात कर रही थी। उसकी आवाज में डर था, लेकिन वह हार नहीं मान रही थी। जब राजकुमार ने बच्चे को गोद में लिया, तो उसकी आँखों में राहत दिखी। यह संघर्ष बहुत प्रेरणादायक था।

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