पिता का गुस्सा जायज लग रहा था शुरू में, लेकिन अब पता चला कि लता गुप्ता ने कैसे सबको धोखा दिया है। अग्नि पर झूठा इल्जाम लगना दिल दुखाता है। जब पिता ने कोड़े से मारा तो गुस्सा आया। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा में ऐसा परिवारिक क्लेश देखकर बुरा लगा। अग्नि की चुप्पी अब टूटने वाली है। पिता को अपनी गलती का अहसास होगा। लता गुप्ता का चेहरा देखकर डर लगता है। यह कहानी बहुत गहरी है।
लता गुप्ता का किरदार बहुत खतरनाक है। उसने अग्नि की असली माँ को मार डाला और फिर उसकी जगह ले ली। भूतकाल के दृश्य में जब उसने विक्रम को सच बताया तो रोंगटे खड़े हो गए। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा में खलनायक इतना क्रूर कैसे हो सकता है। विक्रम भी चुपचाप सब जानता है। अग्नि अकेला पड़ गया है। अब बदला लेने का समय आ गया है। माँ की याद में अग्नि का दर्द साफ दिख रहा था।
अग्नि ने आखिरकार सच जान लिया है। पंद्रह साल तक वह एक झूठी माँ के पास रहा। उसने कसम खाई है कि वह इंसाफ दिलाएगा। उसकी आँखों में अब आँसू नहीं आग है। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा का यह मोड़ बहुत ही शानदार था। लता गुप्ता की चालाकी अब काम नहीं आएगी। पिताजी को भी सच का सामना करना होगा। परिवार का हर राज अब खुलने वाला है। यह दृश्य बहुत भावुक था।
विक्रम का व्यवहार भी ठीक नहीं है। वह जानता है कि उसकी माँ ने क्या किया है, फिर भी वह अग्नि का मजाक उड़ाता है। भाई होने का फर्ज निभाने के बजाय वह दुश्मन बन गया। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा में रिश्तों की यह कड़वाहट अच्छे से दिखाई गई है। पिता का पक्षपात भी अग्नि के लिए मुसीबत बना। अब जब सच सामने आएगा तो विक्रम की हालत खराब होगी। कहानी में बहुत मोड़ हैं।
भूतकाल में छोटे अग्नि को रोते हुए देखकर दिल पसीज गया। लता गुप्ता ने उस वक्त उसे गले लगाया था कातिल होने के बावजूद। यह पाखंड बहुत बड़ा है। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा ने ऐसे भावुक पल बहुत अच्छे से पकड़े हैं। गुलाब की पंखुड़ी का प्रतीक बहुत गहरा था। अग्नि ने उसे संभाल कर रखा है। यह सबूत ही उसकी ताकत बनेगा। माँ की आत्मा को अब चैन मिलेगा।
पिताजी के संवाद बहुत कड़वे थे। उन्होंने अग्नि को कीचड़ कहा जो कि बिल्कुल गलत था। उन्हें नहीं पता कि उनकी पत्नी ने क्या कारनामे किए हैं। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा में पात्रों के बीच की कशमकश देखने लायक है। अग्नि ने सब्र का परिचय दिया है। अब वह चुप नहीं रहेगा। लता गुप्ता की नीयत अब सबके सामने आएगी। यह परिवार टूटने की कगार पर है। सच की जीत होगी।
लता गुप्ता ने विक्रम को समझाया कि अग्नि को निकम्मा बनाना है। इससे विक्रम की जगह बचेगी। यह साजिश बहुत गहरी है। माँ का ममता दिखावा सिर्फ एक नाटक था। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा में ऐसे खलनायक कम ही देखने को मिलते हैं। अग्नि अब जाग चुका है। उसे अपनी माँ की कसम है। वह झूठ को बर्दाश्त नहीं करेगा। पिता को पछतावा होगा जब सच सामने आएगा। कहानी बहुत रोचक है।
दृश्य की पृष्ठभूमि बहुत सुंदर थी। पुराने जमाने के घर और कपड़े देखकर अच्छा लगा। शरद ऋतु के पत्ते पृष्ठभूमि में थे। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा के नज़ारे भी कहानी जितने ही मजबूत हैं। अग्नि के सफेद कपड़े उसकी मासूमियत दिखाते हैं। लता गुप्ता के कपड़े भी शाही थे। हर बारीकी पर ध्यान दिया गया है। संगीत ने भी माहौल बनाया। यह एक बेहतरीन निर्माण है। दर्शकों को यह पसंद आएगा।
अग्नि ने हवा में पंखुड़ी पकड़ी और कसम खाई। यह पल बहुत शक्तिशाली था। उसने कहा वह जरूर इंसाफ दिलाएगा। उसका संकल्प दृढ़ है। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा में नायक का यह रूप बहुत जच रहा है। अब वह खेल पलटने वाला है। लता गुप्ता को डर लगना चाहिए। पिताजी का गुस्सा अब अग्नि पर नहीं आएगा। बदले की आग सुलग रही है। यह कड़ी यादगार बन गई है।
पूरी कहानी में परिवार के राज छिपे हैं। लता गुप्ता प्रधानमंत्री की बेटी है इसलिए पिता उसे नहीं संदेह करते। अग्नि के पास सबूत कम हैं। डबिंग दुनिया का सबसे बड़ा आवारा में राजनीति और परिवार का मिश्रण है। अग्नि को सही समय का इंतजार है। वह जल्दबाजी नहीं करेगा। विक्रम भी खतरे में है। अंत में सच्चाई की जीत होगी। यह धारावाहिक देखने में बहुत मजा आ रहा है।