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गिरोह की आखिरी मालकिनवां4एपिसोड

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गिरोह की आखिरी मालकिन

नायिका अपने प्रेमी को बचाने के लिए जेल की गाड़ी लूट लेती है और काली जेल में ठूंस दी जाती है। वहाँ उसे एक रहस्यमयी विरासत मिलती है, और अपनी ताकत से सभी कैदियों को वश में कर लेती है। सब उसे 'गिरोह की मालकिन' कहकर बुलाने लगते हैं। जब वह जेल से बाहर निकलकर सागर नगर लौटती है, तो उसे पता चलता है कि उसका मंगेतर पहले ही शादी कर चुका है। गुस्से में वह उन सबको सबक सिखाती है जो उसे तुच्छ समझते थे। लोग उसे हल्के में लेते हैं, पर उन्हें नहीं पता कि उसका एक और रूप है – स्वतंत्र गिरोह की मालकिन।
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इस एपिसोड की समीक्षा

लाल कोट वाली महिला का गुस्सा

लाल कोट वाली महिला का गुस्सा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब उसने बिना हिले बल्ला रोका, तब समझ आया कि गिरोह की आखिरी मालकिन कितनी ताकतवर है। सूट वाले आदमी की हिम्मत कैसे हुई उसे चुनौती देने की। मारधाड़ के दृश्य बहुत जबरदस्त हैं और कहानी में एक अलग ही जादू है जो बारबार देखने पर मजबूर कर देता है। यह शो देखने का अनुभव बहुत रोमांचक रहा है।

गाड़ी रोकने का कारनामा

काली गाड़ी को पैर से रोकना कोई मामूली बात नहीं है। इस शो गिरोह की आखिरी मालकिन में दिखाई गई शक्तियां अविश्वसनीय लगती हैं। बुजुर्गों की बातचीत से लग रहा है कि कोई बड़ी साजिश चल रही है। पुराने कपड़ों में वो लोग बहुत प्रभावशाली लग रहे हैं। हर कड़ी में नया मोड़ मिलता है। दर्शकों को यह पसंद आएगा।

चालाक महिला की चालें

सफेद फर कोट वाली महिला की चालें बहुत चालाकाना लग रही हैं। गिरोह की आखिरी मालकिन की कहानी में धोखा और वफादारी का खेल साफ दिखता है। लाल कोट वाली हीरोइन की आंखों में एक अलग ही चमक है। ड्रैगन टाइगर गेट का दृश्य बहुत भव्य बनाया गया है। देखने वालों को यह सीरीज बहुत पसंद आएगी। कहानी बहुत गहरी है।

राकेश और राजीव की दुश्मनी

राकेश और राजीव के बीच की दुश्मनी अब साफ हो गई है। गिरोह की आखिरी मालकिन में किरदारों के नाम भी बहुत खास हैं। योगेश मिश्र का किरदार रहस्यमयी लग रहा है। पहाड़ों के बीच बना मंदिर देखकर मन शांत हो जाता है। मारधाड़ और नाटक का संतुलन बिल्कुल सही बैठता है। यह शो समय बर्बाद नहीं करने देता। सबको देखना चाहिए।

बल्ला पकड़ने का पल

जब उसने बल्ला पकड़ा तो सबकी सांसें रुक गई थीं। गिरोह की आखिरी मालकिन का हर दृश्य दिलचस्प है। बुजुर्गों की सभा में जो फैसले हो रहे हैं, उनका असर आगे की कहानी पर पड़ेगा। कपड़ों की सजावट और माहौल बहुत ही शानदार है। मैंने इस ऐप पर कई शो देखे हैं पर यह सबसे अलग है। अनुभव बहुत अच्छा रहा है।

धमाकेदार एंट्री

लाल कोट वाली महिला की एंट्री ही धमाकेदार थी। गिरोह की आखिरी मालकिन में महिला किरदारों को बहुत मजबूत दिखाया गया है। काली गाड़ी का चालक घबरा गया था। ऐसे दृश्य देखकर मजा आ जाता है। कहानी में गति बहुत तेज है और कोई भी दृश्य बोरिंग नहीं लगता। हर कोई इस शो की तारीफ कर रहा है। बहुत बढ़िया शो है।

बुजुर्गों की गहरी बातचीत

पारंपरिक कपड़ों वाले बुजुर्गों की बातचीत में गहराई है। गिरोह की आखिरी मालकिन की पटकथा बहुत मजबूत लिखी गई है। तीसरे बुजुर्ग की मुस्कान के पीछे कोई राज छिपा है। पत्थर के पास वाली लड़ाई बहुत रोमांचक थी। दर्शकों को यह शो निराश नहीं करेगा। खर्च भी बहुत अच्छा लगा है। सभी को पसंद आएगा।

घमंड का अंत

सूट वाले आदमी का घमंड टूटते देर नहीं लगी। गिरोह की आखिरी मालकिन में बदला लेने का जज्बा साफ दिखता है। महिला हीरोइन की ताकत देखकर हैरानी होती है। सेट की सजावट बहुत ही असली लगती है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह शो जरूर देखना चाहिए। कहानी में उतार चढ़ाव बहुत अच्छे हैं। मजा आ गया देखकर।

धुंधला मंदिर और रहस्य

धुंध में छिपा मंदिर बहुत रहस्यमयी लग रहा था। गिरोह की आखिरी मालकिन में जगहों का चयन बहुत अच्छा किया गया है। सफेद कपड़ों वाले लोग शांत लग रहे थे। लेकिन उनकी बातों में वजन था। यह शो देखने के बाद मन में कई सवाल उठते हैं। अगली कड़ी देखने की जल्दी हो रही है। बहुत उत्सुकता है।

जोरदार अंत

अंत में जब गाड़ी रुकी तो सब हैरान रह गए। गिरोह की आखिरी मालकिन का अंत बहुत जोरदार है। लाल कोट वाली महिला की अदाकारी लाजवाब है। सभी किरदारों ने अपना काम अच्छे से किया है। यह शो मारधाड़ पसंद करने वालों के लिए बेहतरीन है। मैं इसे अपने दोस्तों को जरूर सुझाऊंगा। सबको देखना चाहिए।