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गिरोह की आखिरी मालकिनवां21एपिसोड

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गिरोह की आखिरी मालकिन

नायिका अपने प्रेमी को बचाने के लिए जेल की गाड़ी लूट लेती है और काली जेल में ठूंस दी जाती है। वहाँ उसे एक रहस्यमयी विरासत मिलती है, और अपनी ताकत से सभी कैदियों को वश में कर लेती है। सब उसे 'गिरोह की मालकिन' कहकर बुलाने लगते हैं। जब वह जेल से बाहर निकलकर सागर नगर लौटती है, तो उसे पता चलता है कि उसका मंगेतर पहले ही शादी कर चुका है। गुस्से में वह उन सबको सबक सिखाती है जो उसे तुच्छ समझते थे। लोग उसे हल्के में लेते हैं, पर उन्हें नहीं पता कि उसका एक और रूप है – स्वतंत्र गिरोह की मालकिन।
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इस एपिसोड की समीक्षा

काले कोट वाली की ताकत

काले कोट वाली की присутति बहुत डरावनी है। जब उसने हाथ उठाया तो सब चुप हो गए। गिरोह की आखिरी मालकिन में ऐसा लगता है कि वह सब कुछ नियंत्रित कर रही है। खुदाई वाली मशीन का दृश्य बहुत तनावपूर्ण था। मुझे यह रहस्य पसंद आया कि आखिर उस मिट्टी के ढेर में क्या छिपा है। सबकी नजरें उसी पर टिकी थीं। यह सीन बहुत यादगार बन गया है। यह शो बहुत लोकप्रिय है।

नीली जैकेट वाले का गुस्सा

नीली जैकेट वाले का गुस्सा साफ दिख रहा था। उसने जब चिल्लाया तो लगा कि अब लड़ाई होगी। गिरोह की आखिरी मालकिन की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। छड़ी वाला भी पीछे नहीं हटा। जंगल के बीच में यह टकराव बहुत तीव्र था। मुझे एक्शन वाले दृश्य बहुत पसंद आए। हर कोई हैरान था। सभी हैरान थे।

बड़े मोड़ की उम्मीद

अंत में बंधक बनाए लोगों को देखकर झटका लगा। उनके मुंह पर कपड़ा था और वे चल नहीं पा रहे थे। गिरोह की आखिरी मालकिन में इतना बड़ा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। सफेद वैन से उतरने का दृश्य बहुत सिनेमाई था। यह शो हर भाग में नया रहस्य देता है। देखने वाले की सांसें रुक जाती हैं। कहानी आगे बढ़ेगी।

आंसुओं का दर्द

रोती हुई का दर्द दिल को छू गया। उसकी आंखों में आंसू देखकर बुरा लगा। गिरोह की आखिरी मालकिन में भावनात्मक दृश्य बहुत मजबूत हैं। शायद उसका कोई अपना उस मिट्टी के नीचे है। यह कहानी सिर्फ एक्शन नहीं है। इसमें भावनाएं भी बहुत गहरी हैं। दर्शक खुद को रोक नहीं पाते। हर कोई रो पड़ा। दिल दुखी हो गया।

मशीन का डर

खुदाई करने वाले का चालक भी हैरान लग रहा था। उसने जब डब्बा उठाया तो सबकी सांसें रुक गईं। गिरोह की आखिरी मालकिन में सामान का इस्तेमाल बहुत अच्छा है। लोहे की मशीन और इंसानों का टकराव दिखाना आसान नहीं है। निर्देशक ने यह दृश्य बहुत अच्छे से चित्रित किया है। तकनीक का सही उपयोग हुआ। मशीन बहुत बड़ी थी।

छड़ी वाले का दबदबा

छड़ी वाले की आवाज में दबदबा था। वह सबको आदेश दे रहा था जैसे वह मुखिया हो। गिरोह की आखिरी मालकिन में शक्ति का संतुलन बहुत दिलचस्प है। कौन असली नेता है यह पता चलना मुश्किल है। हर किरदार के अपने मकसद लग रहे हैं। मुझे यह पहेली सुलझानी है। कहानी में गहराई है। सब डर रहे थे।

असली लड़ाई

जब उस लड़के को धक्का लगा तो वह सीधे जमीन पर गिरा। लड़ाई की बनावट बहुत असली लग रही थी। गिरोह की आखिरी मालकिन में युद्ध के दृश्य बिना किसी नकल के हैं। काले कोट वाली ने खुद को बचाया। यह दिखाता है कि वह कमजोर नहीं है। मुझे ऐसे मजबूत किरदार पसंद हैं। लड़ाई असली लगती है। चोट लगी थी।

डरावना माहौल

पूरा माहौल बहुत उदास और डरावना था। पेड़ों के बीच में यह जगह अलग ही लग रही थी। गिरोह की आखिरी मालकिन का मंच सजावट बहुत प्रशंसनीय है। मिट्टी का रंग और आसमान का धुंधलापन मूड बनाता है। देखने वाले को लगता है कि वह वहीं खड़ा है। यह डुबकी बहुत जरूरी है। वातावरण शानदार है। जंगल सुंदर था।

डरा हुआ लड़का

चश्मे वाला लड़का बहुत घबराया हुआ लग रहा था। उसके हाथ कांप रहे थे और वह कुछ समझ नहीं पा रहा था। गिरोह की आखिरी मालकिन में हर किरदार का रोल साफ है। वह शायद इस सबका गवाह बन गया है। उसकी मासूमियत और बाकी लोगों की क्रूरता का विरोधाभास अच्छा है। बच्चा डरा हुआ था। वह कांप रहा था।

अगले भाग का इंतजार

अंत का दृश्य देखकर अगला भाग देखने का मन किया। बंधकों को ले जाते हुए देखकर गुस्सा आया। गिरोह की आखिरी मालकिन में अंत का मोड़ बहुत अच्छे होते हैं। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह जानना जरूरी है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह श्रृंखला बहुत लोकप्रिय है। मुझे यह सफर बहुत पसंद आ रहा है। इंतजार नहीं हो रहा। कब आएगा अगला भाग। जल्दी देखना चाहते हैं।