धूप में चमकता पूल और दोनों के बीच की खामोशी... कुछ कहानियाँ शब्दों से नहीं, नज़रों से लिखी जाती हैं। अरे! पढ़ाकू लड़की मेरी जान में ये सीन दिल को छू गया। लड़के की बेचैनी और लड़की की गंभीरता के बीच का तनाव इतना असली लगा कि साँस रुक सी गई। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे पल देखकर लगता है जैसे खुद उसी पल में मौजूद हूँ।