अरे! पढ़ाकू लड़की मेरी जान में वो पल जब चश्मा पहनते ही सब बदल गया, सच में दिल छू लेने वाला था। बाथरूम से लेकर हॉल तक का सफर इतना भावनात्मक लगा कि मैं खुद को रोक नहीं पाई। लड़की की शर्माहट और दोस्त की मुस्कान ने माहौल को हल्का कर दिया। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर लगता है जैसे खुद उसी स्कूल में हूं।