सीधी-सादी आराध्या चुपचाप अपने भाई के सबसे अच्छे दोस्त अर्जुन को पसंद करती है, जो कॉलेज की बास्केटबॉल टीम का लोकप्रिय कप्तान है। वह उससे ठीक से बात भी नहीं कर पाती, लेकिन एक साहसी मेकओवर के बाद उसका आत्मविश्वास पूरी तरह बदल जाता है। अर्जुन पीछे हटने की बजाय उसके और करीब आ जाता है। उसके कान को सहलाते हुए, होंठ काटते हुए कहता है, “मेरी जान, बता तू सच में कौन है?” और फिर “पकड़ सको तो पकड़ो” का यह खेल धीरे-धीरे काबू से बाहर होने लगता है।
अरे! पढ़ाकू लड़की मेरी जान में वो पल जब लड़का दवा देता है और लड़की की आँखों में डर झलकता है, दिल दहल गया! फिर बेडरूम सीन में उसका लेस आउटफिट देखकर हैरानी हुई। क्या ये सब एक साजिश है? नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सस्पेंस भरे मोड़ देखना मज़ेदार लगता है।