पानी से निकलते ही जो खामोशी छा गई, वो किसी डायलॉग से ज्यादा भारी थी। लड़के की बेचैनी और लड़की की गंभीर नज़रें बता रही हैं कि बीच में कुछ अनकहा रह गया है। अरे! पढ़ाकू लड़की मेरी जान में ऐसे सीन्स दिल को छू लेते हैं जब शब्दों की ज़रूरत नहीं होती, बस एहसास बोलते हैं। सूरज की रोशनी, भीगे बाल और वो तनाव... सब कुछ इतना असली लग रहा है कि लगता है हम वहीं मौजूद हैं।