अजेय रंगीला में तनाव और हंसी का अनोखा मेल देखने को मिला। पहले दृश्य में तलवार की नोक पर डर और फिर अगले ही पल चाय की चुस्की के साथ हंसी-मजाक, यह बदलाव कमाल का है। सम्राज्ञी बेबस के पात्रों की अभिव्यक्ति इतनी जीवंत है कि दर्शक भी उसी कमरे में मौजूद महसूस करता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखना एक अलग ही अनुभव है, जहां हर फ्रेम में नया मोड़ छिपा होता है।