अजेय रंगीला और सम्राज्ञी बेबस के बीच का तनाव देखकर दिल दहल गया। जब वह गरीब माँ-बेटी को देखकर रुकते हैं, तो लगता है जैसे किसी पुरानी याद ने उन्हें झकझोर दिया हो। नीली पोशाक वाला युवक कठोर लगता है, पर उसकी आँखों में छिपी पीड़ा साफ़ दिखती है। गुलाबी साड़ी वाली महिला की चुप्पी भी कहानी कहती है। अंत में दिया गया थैला उम्मीद की किरण बनकर उभरा। यह दृश्य भावनाओं से भरपूर है और दर्शक को बांधे रखता है।