इस दृश्य में सफेद पोशाक पहने पात्र की अहंकारी मुद्रा और चेहरे के भाव देखकर लगता है कि वह किसी बड़े षड्यंत्र की योजना बना रहा है। जब सिपाही खजाने के संदूक लाते हैं और कैदियों को पेश किया जाता है, तो माहौल में तनाव साफ झलकता है। अजेय रंगीला की तरह वह हर चीज पर अपना नियंत्रण दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसकी आँखों में छिपी चालाकी बताती है कि खेल अभी शुरू हुआ है। सम्राज्ञी बेबस की तरह दिखने वाली युवती की बेबसी दर्शकों के दिल को छू लेती है।