इस दृश्य में तनाव की हवा साफ महसूस की जा सकती है। राजकुमार का व्यवहार बेहद संदिग्ध लग रहा है, खासकर जब वह गुलाबी पोशाक वाली युवती के साथ रथ में था। उसकी हरकतें और बातचीत का तरीका बताता है कि वह कुछ छिपा रहा है। फिर अचानक दृश्य बदलता है और वह लाल पोशाक वाली महिला के कमरे में जाता है, जहाँ माहौल और भी गहरा हो जाता है। अजेय रंगीला, सम्राज्ञी बेबस की कहानी में यह मोड़ बहुत रोचक है। राजकुमार की मुस्कान के पीछे की असली मंशा क्या है? क्या यह सब एक बड़ी साजिश का हिस्सा है? दर्शक के रूप में यह जानने की उत्सुकता बढ़ जाती है कि आगे क्या होने वाला है।