अजेय रंगीला में चाय पीते हुए दो पात्रों के बीच की बातचीत इतनी तीव्र है कि लगता है जैसे कोई बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा हो। फिर अचानक सम्राज्ञी बेबस के दृश्य में बूढ़े व्यक्ति और युवती के बीच का अंतरंग पल टूट जाता है जब एक नौकर आकर सब कुछ बिगाड़ देता है। यह अचानक आया मोड़ दर्शकों को हैरान कर देता है। पात्रों के चेहरे के भाव और संवाद की गति ने मुझे बांधे रखा। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामे देखना सच में मजेदार है।