शुरुआत में ही उस ऊंची गोथिक इमारत का नज़ारा रोंगटे खड़े कर देता है। अंदर का माहौल इतना गंभीर है कि सांस लेना भी मुश्किल लगता है। जब वह वर्दी वाले व्यक्ति ने कागजात देखे, तो उसके चेहरे का गुस्सा साफ़ झलक रहा था। सामने बैठी महिला बिल्कुल शांत थी, जैसे उसे सब कुछ पहले से पता हो। मशीन वाला प्रॉडिजी की कहानी में यह टकराव बहुत दिलचस्प लगता है।
जैसे ही वह छोटा बच्चा अपने जादुई स्केटबोर्ड पर सवार हुआ, पूरी कहानी का मूड बदल गया। नीचे शहर की लाइट्स और ऊपर चांद का नज़ारा बेहद खूबसूरत था। उस बूढ़े व्यक्ति के साथ उसकी जोड़ी बहुत प्यारी लग रही थी। मशीन वाला प्रॉडिजी में ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि बचपन की सारी ख्वाहिशें सच हो रही हैं।
उस वर्दी वाले व्यक्ति की आंखों में सिर्फ गुस्सा नहीं, बल्कि एक गहरा दर्द भी था। जब वह महिला से बात कर रहा था, तो लग रहा था कि दोनों के बीच कोई पुरानी कहानी है। मशीन वाला प्रॉडिजी के इस सीन में अभिनय इतना दमदार था कि दर्शक भी उस दर्द को महसूस करने लगता है।
जब वह बच्चा और बूढ़ा व्यक्ति चांद के बिल्कुल पास से गुजरे, तो लगा जैसे वे किसी दूसरी दुनिया में पहुंच गए हों। नीली रोशनी और बादलों का नज़ारा जादुई था। मशीन वाला प्रॉडिजी के इस दृश्य ने विजुअल इफेक्ट्स का नया मानक स्थापित कर दिया है।
उस कागजात पर हस्ताक्षर करते समय महिला के हाथ कांप रहे थे, लेकिन चेहरा पत्थर जैसा सख्त था। शायद यह हस्ताक्षर किसी बड़े फैसले की शुरुआत था। मशीन वाला प्रॉडिजी में ऐसे छोटे-छोटे विवरण कहानी को और भी रोचक बना देते हैं।
जब पुलिस के उड़ने वाले वाहन दिखाई दिए, तो लगा कि अब पीछा शुरू होने वाला है। उनकी नीली लाइट्स और तेज रफ्तार ने तनाव को और बढ़ा दिया। मशीन वाला प्रॉडिजी के एक्शन सीन्स दिल धड़कने वाले हैं।
उस बूढ़े व्यक्ति की मुस्कान में एक अजीब सी शांति थी। चाहे वह खतरे में हो या खुशी में, उसका चेहरा हमेशा मुस्कुराता रहता है। मशीन वाला प्रॉडिजी का यह किरदार दर्शकों के दिलों पर राज कर रहा है।
जब स्केटबोर्ड उस ऊंची इमारत के चारों ओर चक्कर लगा रहा था, तो लगा जैसे समय थम गया हो। नीचे शहर की रोशनी और ऊपर अंधेरा आसमान एक अद्भुत दृश्य बना रहे थे। मशीन वाला प्रॉडिजी के ऐसे दृश्य सिनेमाई अनुभव को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।
उस बच्चे की मासूमियत और उत्साह देखकर लगता है कि वह दुनिया की सारी परेशानियों से अनजान है। उसकी आंखों में सपने और चेहरे पर खुशी साफ़ झलक रही थी। मशीन वाला प्रॉडिजी का यह किरदार दर्शकों को अपने बचपन की याद दिला देता है।
उस अंधेरे कमरे में सिर्फ एक लैंप की रोशनी थी, लेकिन वही रोशनी पूरे माहौल को रहस्यमयी बना रही थी। दीवारों पर लगी किताबें और पुरानी पेंटिंग्स कहानी के पीछे के इतिहास की ओर इशारा करती हैं। मशीन वाला प्रॉडिजी का सेट डिजाइन बेहतरीन है।
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